नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। आमतौर पर घर को सजाने के लिए ऐसे पौधों को लगाया जाता है जिनकी देखभाल करना आसान हो और फूल भी बहुत ज्यादा लगें।
घरों में खुशबू के लिए सफेद चमेली या मोगरा के पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन इन दिनों गंधराज के पौधे की डिमांड बहुत बढ़ गई है और इसके पीछे का मुख्य कारण है फूल की खुशबू और औषधीय गुण। गंधराज वातावरण को महकाने के साथ गुणों से भरपूर है, जो छोटी-छोटी परेशानियों से चुटकियों में राहत देता है।
गंधराज दिखने में गुलाब के फूल की तरह होता है और बहुत छोटा और घना पौधा होता है, जिसे आसानी से घर में लगाया जा रहा है। गंधराज को आयुर्वेद में तीनों दोषों को संतुलित करने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि गंधराज के फूल वात, कफ और पित्त को संतुलित करने में मदद करते हैं और शरीर को निरोगी बनाए रखने में मदद करते हैं। आज हम इस गुलाब की तरह दिखने वाले फूल के फायदे बताने वाले हैं।
गंधराज एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है और यही कारण है कि त्वचा संबंधी परेशानियों से निजात पाने के लिए उनके फूल का इस्तेमाल काफी समय से होता आ रहा है।
अगर चेहरे और शरीर पर घाव या मुहांसे हो गए हैं तो इसके फूलों के अर्क का सेवन करने से त्वचा के संक्रमण, कील-मुंहासे और घाव ठीक हो जाते हैं। गंधराज माइग्रेन के दर्द को कम करने में भी मदद करता है और मानसिक तनाव को भी कम करता है। गंधराज का तेल आसानी से बाजार में मिल जाता है, जो तेज सिर दर्द में राहत और मानसिक और शारीरिक तनाव को कम करने का काम करता है। गंधराज मन के लिए एक थेरेपी की तरह काम करता है और हार्मोन को संतुलित कर अच्छी नींद में सहायक है।
गंधराज के फूल में पाचन से संबंधी रोगों को ठीक करने की क्षमता भी होती है। इसके फूल और पत्तियों का इस्तेमाल सदियों से कब्ज, पेट संबंधी विकार और आंतों को संक्रमित होने से बचाने में किया जाता है। हालांकि सेवन से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह जरूर लें। इसके साथ ही ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इसके सेवन से परहेज करना चाहिए और चिकित्सक की सलाह के बाद ही सेवन करना चाहिए।

