SGSU Advertisement
Home राजनीति ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के नोटिस पर भाजपा का पलटवार, यासिर...

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के नोटिस पर भाजपा का पलटवार, यासिर जिलानी ने उठाए सवाल

0
7

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तावित नोटिस और सीजेपी की ओर से दी गई 48 घंटे की चेतावनी को लेकर भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार अलग-अलग मुद्दों के जरिए सरकार और चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे आम जनता के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी की जमीन की नीलामी में कथित गड़बड़ी के मामले में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के नाम आने को लेकर ईडी के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी।

विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित नोटिस पर यासिर जिलानी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के भीतर ही मतभेद हैं और वह एकजुट नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अतीत में झांककर देखना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है, लेकिन विपक्ष की ओर से हर दिन कोई न कोई नया मुद्दा उठाकर सनसनी पैदा करने की कोशिश की जा रही है। जिलानी ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो के जरिए उठाए जा रहे मुद्दों पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को आम जनता के मुद्दों पर आकर बात करनी चाहिए। जनता को लग रहा है कि मौजूदा सरकार उनके लिए बेहतर काम कर रही है और इसी वजह से विपक्ष के सीईसी समेत दूसरे मुद्दे भी प्रभावी नहीं हो रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी की 48 घंटे की चेतावनी और जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा पर जिलानी ने संगठन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के बाद सीजेपी को लगा कि उसने लोगों और अपनी गतिविधियों के जरिए प्रभाव बना लिया है, लेकिन राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार समेत जिन राज्यों में संगठन ने सक्रियता दिखाने की कोशिश की, वहां उसे सफलता नहीं मिली। ऐसे में सीजेपी एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम पर अभियान खड़ा करना चाहता है। संगठन को पहले अपने भीतर के मतभेदों को स्पष्ट करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि उसका वास्तविक उद्देश्य क्या है।

उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के कुछ नेताओं के बीच मतभेद की बातें सामने आ रही हैं। क्या उनका उद्देश्य केवल लोगों में भ्रम पैदा करना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना है या उनके पास कोई ठोस मुद्दा भी है।

मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी की जमीन की नीलामी में कथित गड़बड़ी के मामले में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के नाम आने को लेकर ईडी के आरोपों पर जिलानी ने कहा कि जिन मामलों में किसी व्यक्ति की गतिविधियां या नाम सामने आते हैं, एजेंसियां उनकी जांच करती हैं और सबूत जुटाने के लिए पूछताछ की जाती है। सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया पर पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामले रहे हैं और वे जेल आते-जाते रहे हैं। एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

ईडी की कार्रवाई का आम आदमी पार्टी की ओर से विरोध किए जाने और कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किए जाने पर जिलानी ने कहा कि एजेंसी अपना काम कर रही है और किसी सरकार के कहने पर कार्रवाई नहीं करती। यदि कोई अपराध या गलत काम किया जाता है तो उसके खिलाफ जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की ओर से ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में जिलानी ने कहा कि इन बयानों का महत्व तब होगा, जब मनीष सिसोदिया यह स्पष्ट करें कि चंडीगढ़ में कथित रूप से बड़ा और महलनुमा घर किसका है।