नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘फोटोकॉपी’ बताया। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमारा वार (युद्ध) उनसे क्यों होगा? हमारा वार जिनसे है, वे सभी जानते हैं। हम फोटोकॉपी से नहीं, ऑरिजिनल से लड़ते हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के महिला एशिया कप जीतने पर पवन खेड़ा ने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस जीत से सभी को सीख लेने की जरूरत है, खासकर उन लोगों को जो राजनीति और अन्य क्षेत्रों को पुरुष प्रधान तरीके से चलाते हैं। जब महिलाएं जीतती हैं तो उनकी तारीफ की जाती है, लेकिन बाद में उन्हें पीछे धकेलने की कोशिश भी की जाती है। महिलाओं को पीछे धकेलने की प्रवृत्ति बंद करनी होगी, तभी समाज में वास्तविक समानता स्थापित हो सकेगी।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा महिला एशिया कप की ट्रॉफी नहीं लेने के सवाल पर खेड़ा ने कहा कि उन्होंने वही किया जो उन्हें सही लगा।
ब्रिक्स पर पवन खेड़ा ने कई सवाल उठाते हुए कहा कि इस समूह का उद्देश्य पश्चिमी देशों के दबदबे को संतुलित करना था। उन्होंने कहा कि 1991 में कोल्ड वॉर समाप्त होने के बाद यह विचार सामने आया कि दुनिया पर एक या दो देशों का प्रभुत्व नहीं होना चाहिए लेकिन इस गुट में जो भी तरक्की हुई है, वह असल में चीन के पक्ष में ही रही है।
उन्होंने कहा कि क्या हमने ईरान के साथ चाबहार पोर्ट पर बात की? जब हमने चीन से बात की, तो क्या हमने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा बसाए जा रहे गांवों के बारे में चर्चा की? क्या हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से मिली मदद को लेकर सवाल किए? पहलगाम आतंकी घटना में पाकिस्तान का नाम क्या उठाया गया? अगर नहीं उठाया गया तो क्यों? अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ संघर्ष तथा ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या से जुड़े मुद्दे पर क्या सवाल उठाए गए? क्या ट्रेड को लेकर कोई सवाल किया गया?
भारतीय रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट पर पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष लगातार एक सवाल पूछता रहा है, लेकिन उसे स्पष्ट जवाब नहीं मिला। मई 2020 से पहले भारतीय सेना लद्दाख क्षेत्र के कुछ पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक गश्त कर पाती थी। क्या अब भारतीय सेना उन सभी स्थानों तक पहले की तरह गश्त कर पा रही है या नहीं? इन सवालों का जवाब रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट या रक्षा मंत्री को खुद देना चाहिए।
