हिसार, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सर अंकुश पंघाल के गोल्ड मेडल जीतने पर उनके गांव भेड़िया में जश्न का माहौल है। पुरुषों की 80 किलोग्राम भार वर्ग में अंकुश ने इंग्लैंड के बॉक्सर को हराकर देश का नाम रोशन किया है। अंकुश की इस सफलता पर उनके माता-पिता की प्रतिक्रिया सामने आई है।
कोच प्रदीप सावंत कहते हैं, “अंकुश का गेम मुझे 11 साल पहले ही समझ आने लगा था, और हमने पहले से प्लान कर लिया था कि कॉमनवेल्थ गेम्स में सिर्फ इंग्लैंड और कनाडा ही हैं जो तुम्हें ज्यादा टफ कॉम्पिटिशन देंगे। अंकुश वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड से हार गए थे। लेकिन इस बार हमने पूरी तैयारी की थी। फर्स्ट राउंड में 5-0 से लूज हो गए थे। कल हमने अंकुश से घंटों बात की। अंकुश ने रणनीति के अनुसार पूरे गेम को चलाया। इसी का परिणाम है कि देश को एक और गोल्ड मेडल मिला।
अंकुश के कोच ने आगे कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने इस बार काफी अच्छा खेला है। उन्होंने बताया कि सुबह दो से ढाई घंटे ट्रेनिंग करते थे और शाम को ढाई से तीन घंटी ट्रेनिंग करते हैं। उनको जितना बोला जाता था, उन्होंने उतना ही किया। उन्होंने हमेशा अपना बेस्ट दिया। अंकुश घर पर खूब तैयारी करते थे, जिसका परिणाम आज सामने आया है।
अंकुश के पिता ने कहा कि हमने अपने बच्चों को देशी खाना खिलाया और चाय तक नहीं पिलाई। उनकी आज की फ्लाइट है। जब वे आएंगे तो उनका स्वागत किया जाएगा। गांव में खेलों का अच्छा माहौल है। मैं खुद कबड्डी का खिलाड़ी रहा हूं। अंकुश की रुचि शुरू में कबड्डी में थी। बाद में वे बॉक्सिंग में गए।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सर अंकुश पंघाल ने गोल्ड जीतने के बाद आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है। मैं पहला राउंड 5-0 से हार गया था, इसलिए मुझ पर किसी तरह बाउट जीतने का बहुत प्रेशर था। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था, और यह काम कर गया। मैंने अभी अपने पिता और अपने परिवार से बात की। सब बहुत खुश हैं और मेरे घर आने का इंतजार कर रहे हैं।”

