SGSU Advertisement
Home राजनीति हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, पुलिस ने कर्मचारियों को लिया हिरासत...

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, पुलिस ने कर्मचारियों को लिया हिरासत में

0
3

हिसार, 27 अगस्त (आईएएनएस)। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। मांगों का समाधान नहीं होने पर कर्मचारी संगठनों ने कई जिलों में हड़ताल को 30 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है। 22 दिन से जारी हड़ताल के कारण प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।

प्रशासन और नगर निकायों की ओर से कचरा उठाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू किए जाने के बाद कई जिलों में हड़ताली कर्मचारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन रही है।

वहीं, हिसार में 22वें दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। कचरा उठाने के लिए प्रशासनिक टीम के पहुंचने पर तनाव की स्थिति बन गई। हड़ताली कर्मचारियों ने घर-घर जाकर कचरा एकत्र करने और वाहनों से कचरा उठाने का विरोध किया। पुलिस ने विरोध कर रहे करीब 50 से 60 कर्मचारियों को हिरासत में लिया।

हिसार के डीएसपी किशोरी लाल ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि नगर निगम के कर्मचारी और अन्य स्टाफ कचरा उठाने के लिए ड्यूटी पर थे। सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से गाड़ियों को नहीं रोकने तथा घर-घर से कचरा उठाने देने को कहा गया। विरोध जारी रहने पर कर्मचारियों को बसों में शांतिपूर्वक हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य हालात बिगाड़ना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जनता के लिए सफाई व्यवस्था बहाल करना है।

वहीं, हरियाणा म्युनिसिपल एम्प्लॉइज यूनियन के पूर्व अध्यक्ष राजेश बागरी और फायर एम्प्लॉइज यूनियन के जिला अध्यक्ष राजेश मेहला ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया। हांसी में भी कूड़ा उठाने पहुंची पुलिस और सफाई कर्मचारियों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ। जींद, सिरसा और यमुनानगर में भी कर्मचारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने का विरोध किया।

झज्जर में प्रशासन ने रातभर अभियान चलाकर करीब 125 टन कचरा उठवाया। भगत सिंह चौक पर सफाई व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा टकराव की स्थिति बनी। विरोध कर रहे कुछ कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए शहर में जमा कचरे को हटाने का अभियान जारी है।

हड़ताल लंबी होने से एक ओर जहां शहरों में स्वच्छता व्यवस्था पर असर पड़ रहा है, वहीं प्रशासन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों की मांगों के समाधान और हड़ताल खत्म होने को लेकर अब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत पर नजर है।