शिमला, 20 जुलाई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से जनजीवन प्रभावित बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से जारी सोमवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 36 सड़कें बंद हैं, जबकि 43 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
हालांकि बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है और अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों के बंद होने के मामले में मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 11 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें सराज उपमंडल की नौ और थलौट उपमंडल की दो सड़कें शामिल हैं। इसके बाद चंबा जिले में 10 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर कर रहा है।
मानसूनी बारिश का सबसे अधिक असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। सोमवार सुबह जहां 12 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं, वहीं शाम तक यह संख्या बढ़कर 43 हो गई। इनमें अकेले चंबा जिले के तीसा उपमंडल में 40 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है।
वहीं, बिजली व्यवस्था में दिनभर के दौरान उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। सुबह तक 60 वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित थे, लेकिन बिजली विभाग की लगातार बहाली के प्रयासों के बाद शाम तक यह संख्या घटकर केवल पांच रह गई। रिपोर्ट के अनुसार सिरमौर जिले में भी बारिश का असर बना हुआ है। मानसून के दौरान अब तक 149 सड़कें बहाल की जा चुकी हैं, जबकि ताजा बारिश के बाद 61 सड़कें अभी भी बंद हैं। इसके अलावा जिले में 33 वितरण ट्रांसफार्मर और 12 पेयजल योजनाओं को बहाल करने का कार्य जारी है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में भारी मशीनरी लगाकर मलबा हटाया जा रहा है, ताकि सड़क संपर्क जल्द बहाल किया जा सके। साथ ही बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।

