क्वेटा, 8 सितंबर (आईएएनएस)। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तानी आर्मी को उसने भारी नुकसान पहुंचाया है। उसके मुताबिक, बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में किए गए कुल 28 हमलों में पाकिस्तान के कई सैनिक मारे गए और बड़ी तादाद में घायल भी हुए।
एक बयान जारी कर बीएलए ने कहा कि 1 से 7 सितंबर के बीच पूरे प्रांत में ऑपरेशन चलाए गए, जिससे पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी क्षति पहुंची।
ग्रुप ने यह भी दावा किया कि बीएलए लड़ाकों ने कई चेकपोस्ट और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के वाहनों पर कब्जा कर भारी मात्रा में हथियार और सैन्य उपकरण जब्त किए।
इससे पहले, बीएलए के सशस्त्र लड़ाकों ने 7 सितंबर को क्वेटा के हजार गंजि इलाके में रहमत सईद की गोली मारकर हत्या कर दी, जिसे ग्रुप ने पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) का “एजेंट” बताया। ग्रुप ने कहा कि वह उसके इंटेलिजेंस विंग, ‘जिराब’ की लगातार निगरानी में था।
बीएलए ने कहा, “सहयोगी बनकर रहमत दुश्मन सेना के लिए जासूसी करता था और क्षेत्रीय हमलों के दौरान उनके साथ रहता था।”
उसी दिन, ग्रुप ने दावा किया कि खारन के अल्बाट में पाकिस्तानी सेना के मुख्य कैंप पर स्नाइपर हमले में एक सुरक्षाकर्मी मारा गया। उसने यह भी कहा कि बाद में कैंप को मोर्टार शेल से निशाना बनाया गया, जिससे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान हुआ और संपत्ति की क्षति हुई।
इसके अलावा, कलात में गरारी और महलबी के पास क्वेटा-कराची हाईवे पर भी उसके लड़ाकों ने सैंदक की तथाकथित “दमनकारी परियोजना” के वाहनों और पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया, जिससे भारी नुकसान हुआ।
ग्रुप के अनुसार अभियान जारी रहा और उसने 6 सितंबर को झाल मगसी के कोटरो इलाके में पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक अतिथि गृह को विस्फोटकों से उड़ा दिया।
उसने कहा कि उसी दिन, लड़ाकों ने किला अब्दुल्ला से सटे गजाबंद में पाकिस्तानी सेना की एयरपोर्ट साइट पर हमला किया। इस हमले में कंप्यूटर, अन्य उपकरण और बाकी इमारत को आग लगा दी गई।
इसके अलावा, कथित तौर पर उसके स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशन्स स्क्वाड (एसटीओएस) ने 3 सितंबर को विस्फोटक से लदे वाहन का इस्तेमाल करके रिमोट-कंट्रोल विस्फोट के जरिए पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया। ग्रुप ने दावा किया कि विस्फोट में सेना का एक वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया और सात जवान मौके पर ही मारे गए।
बीएलए के अनुसार, मस्तुंग के खादकूचा इलाके वाले गारो में उसके लड़ाकों ने काफिले पर घात लगाकर हमला करने से पहले आईईडी विस्फोट में पाकिस्तानी सेना के एक बख्तरबंद वाहन को नष्ट कर दिया। ग्रुप ने दावा किया कि इसके बाद हुई झड़प में चार जवान मारे गए और सात से ज्यादा घायल हो गए।
इस बीच, कलात के टूक इलाके में भी कुछ ऐसी ही रणनीति अपनाई गई। बयान के अनुसार उसके लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हथियारबंद हमला किया, जिससे “दुश्मन को भारी जान-माल का नुकसान” हुआ।
ग्रुप ने पहले ही कसम खाई थी कि वह पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपने ऑपरेशन तब तक जारी रखेगा जब तक बलूचिस्तान की “आजादी” का मकसद हासिल नहीं हो जाता।
