Tuesday, July 28, 2026
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दिल्ली में मई 2025 से साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए 6,115 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गईं : राज्य मंत्री बी. संजय कुमार

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नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि मई 2025 से साइबर क्राइम के मामलों, खासकर साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड (साइबर वित्तीय धोखाधड़ी) के मामलों में दिल्ली और चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गईं। दिल्ली में 6,115 और चंडीगढ़ में 4,174 ई-जीरो एफआईआर दर्ज हुईं।

गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 173(1) के तहत यह जरूरी है कि किसी भी संज्ञेय अपराध के होने की जानकारी, चाहे अपराध कहीं भी हुआ हो, पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी को मौखिक रूप से या इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन के जरिए दी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को साइबर अपराध के मामलों, खासकर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में ई-जीरो एफआईआर दर्ज करने के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है। 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने साइबर अपराध के मामलों, खासकर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में ई-जीरो एफआईआर दर्ज करना शुरू कर दिया है।

राज्य मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में मार्च 2026 से साइबर अपराध के मामलों में 552 और गोवा में जनवरी 2026 से 446 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं। राजस्थान में जनवरी 2026 से साइबर अपराध के मामलों में 251 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं। असम में जून 2026 से 223 मामले और हरियाणा में जून 2026 से 165 मामले दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र में 131 मामले, तमिलनाडु में 39 मामले और बिहार में जुलाई 2026 से 12 मामले दर्ज किए गए हैं।

साइबर अपराध के मामलों में ई-जीरो एफआईआर दर्ज करने के प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी देते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि इस सिस्टम के तहत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) या हेल्पलाइन ‘1930’ पर दर्ज की गई शिकायतें, जिनमें वित्तीय नुकसान की एक निश्चित सीमा (जो संबंधित राज्य/यूटी द्वारा तय की जाती है) शामिल हो, अपने आप राज्य/यूटी के ई-क्राइम पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के तौर पर दर्ज हो जाएंगी। इसके बाद इसे तुरंत संबंधित इलाके के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को जीरो एफआईआर को रेगुलर एफआईआर में बदलने के लिए तीन दिनों के भीतर संबंधित पुलिस स्टेशन जाना होगा। भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत ‘पुलिस’ और ‘सार्वजनिक व्यवस्था’ राज्य के विषय हैं।

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों, उन्हें एफआईआर में बदलने और उसके बाद की कार्रवाई, यानी चार्जशीट दाखिल करना, गिरफ्तारी और शिकायतों का समाधान, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​कानून के प्रावधानों के अनुसार करती हैं।