कोलकाता, 6 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद हो रही हिंसा के बीच कोलकाता पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के पुलिस आयुक्त अजय नंद ने बुधवार को स्पष्ट किया कि विजय जुलूस में जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है और इन्हें किराये पर देने वाले मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय नंद ने कहा कि चुनाव के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं के संबंध में अब तक करीब 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस आयुक्त ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की और कहा कि शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मतदान शांतिपूर्ण रहा और कहीं कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई। अब शांति बनाए रखना जरूरी है। कोई भी व्यक्ति अफवाहों पर ध्यान न दे।”
इसके साथ ही उन्होंने किसी भी तरह की उकसाने वाली या अतिरेक गतिविधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि बिना पुलिस अनुमति के कोई भी विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकता।
पुलिस के अनुसार, शहर के कई संवेदनशील इलाकों में अभी भी 65 कंपनियां तैनात हैं। राज्य पुलिस और केंद्रीय बल मिलकर हालात को नियंत्रित करने का काम कर रहे हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से तोड़फोड़ और हिंसा के मामलों में अब तक लगभग 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे पिछले सोमवार को घोषित किए गए थे, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार भारी बहुमत हासिल किया और 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस सरकार का अंत हुआ।
नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में एक जेसीबी के जरिए तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय और कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया। इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने कड़ा संदेश देते हुए सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है।

