अदाणी ग्रुप मध्य प्रदेश में सीमेंट से लेकर पावर सेक्टर में देगा 1,20,000 नई नौकरियां: प्रणव अदाणी

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गुना (मध्य प्रदेश), 10 मई (आईएएनएस)। अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी ने रविवार को कहा कि अदाणी ग्रुप मध्य प्रदेश में 2030 तक सीमेंट से लेकर पावर सेक्टर में 1,20,000 नई नौकरियों के अवसर पैदा करेगा।

प्रणव अदाणी ने यह बयान मध्य प्रदेश में अदाणी ग्रुप के नए सीमेंट प्लांट के उद्घाटन के दौरान दिया। इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे।

पिछले साल भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को याद करते हुए प्रणव अदाणी ने कहा कि उस दौरान ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मध्य प्रदेश में 1,10,000 करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान किया था।

उन्होंने आगे कहा कि यह निवेश जल विद्युत भंडारण, सीमेंट, खनन, स्मार्ट मीटर और तापीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया गया है। वर्ष 2030 तक, इस पहल से 1,20,000 लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

प्रणव अदाणी ने कहा,“आज का शिलान्यास समारोह उस वादे को हकीकत में बदलने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारा मुख्य उद्देश्य गुना जिले के लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है।”

उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश हमेशा से अदाणी समूह के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य रहा है, हमने कटनी जिले में स्थित अमेथा और किमोर प्लांट में 4,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है।

अदाणी पावर वर्तमान में मध्य प्रदेश को 1,200 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कर रही है। इसके अलावा, अतिरिक्त 5,600 मेगावाट बिजली उत्पादन की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि इससे मध्य प्रदेश की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

साथ ही, समूह ने लाहौरी, धार, रतलाम और उज्जैन में पवन ऊर्जा परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने आगे बताया कि उज्जैन में भी जल्द एक सीमेंट संयंत्र की नींव रखी जाएगी।

प्रणव अदाणी ने कहा कि अदाणी सीमेंट की क्षमता 109 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है और इसका निरंतर विस्तार हो रहा है। कंपनी का प्रयास एक ऐसा उत्पादन और आपूर्ति नेटवर्क स्थापित करना है जिससे हमारा सीमेंट लोगों तक शीघ्रता से पहुंचे, लागत कम रहे और गुणवत्ता में निरंतरता बनी रहे।

उन्होंने कहा कि गुना परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी, जिसकी वार्षिक क्षमता 40 लाख मीट्रिक टन होगी। हमारा लक्ष्य प्रथम चरण 2028 तक चालू करना है। हम इस परियोजना को गति, गुणवत्ता और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पूरा करेंगे। इस परियोजना में 1,060 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। यह गुना में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।

इस परियोजना से लगभग 1,500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में यह परियोजना राज्य के खजाने में 6,000 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान देगी।