चेन्नई, 2 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए वोटों की गिनती 4 मई को होनी है। इससे पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, खासकर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) खेमे में गतिविधियां बढ़ गई हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के साथ सलेम स्थित उनके आवास पर लगातार बैठकें शुरू कर दी हैं। इन बैठकों को मतगणना की तैयारी और नतीजों के बाद की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता सलेम के हाईवे सिटी स्थित पलानीस्वामी के आवास पहुंच रहे हैं। इन बैठकों का मकसद पार्टी की आंतरिक रणनीति को अंतिम रूप देना माना जा रहा है।
शुक्रवार को पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि और राज्यसभा सांसद एम. थंबीदुरई ने पलानीस्वामी से विस्तृत चर्चा की। बताया जा रहा है कि बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से मिले फीडबैक, मतगणना दिवस की तैयारियों, काउंटिंग एजेंट्स के समन्वय और जिला स्तर के नेताओं की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई।
शनिवार को भी नेताओं का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर, सी. विजयभास्कर, ओ.एस. मणियन और के.पी. मुनुसामी के साथ सलेम उपनगरीय जिला सचिव इलंगोवन ने ईपीएस से मुलाकात की।
करीब आधे घंटे से ज्यादा चली इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, चर्चा दो मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रही- 4 मई की मतगणना प्रक्रिया और नतीजों के बाद अपनाई जाने वाली राजनीतिक रणनीति।
अन्नाद्रमुक नीत गठबंधन सत्तारूढ़ मोर्चे को कड़ी चुनौती देने का दावा कर रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व बूथ स्तर के आंकड़ों, मतगणना रुझानों और संभावित राजनीतिक परिस्थितियों पर विशेष नजर बनाए हुए है।
लगातार हो रही ये बैठकें बताती हैं कि चुनावी नतीजों को लेकर पार्टी नेतृत्व पूरी तरह सतर्क है और किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की तैयारी में जुटा है। मतगणना तक ऐसे परामर्श जारी रहने की संभावना है।

