अहिल्यानगर, 4 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार अक्षय शिवाजीराव कर्डिले ने सोमवार को राहुरी विधानसभा उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल की।
सोमवार को घोषित नतीजों से पुष्टि हुई कि कर्डिले ने अपने पिता दिवंगत शिवाजी कर्डिले की सीट को सफलतापूर्वक बरकरार रखा है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्षय कर्डिले ने मतगणना के शुरूआती दौर से ही चुनाव में बढ़त बनाए रखी। उन्हें 1,40,093 वोट मिले, जबकि उनके सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार गोविंद मोकाटे को 27,506 वोट मिले।
1.12 लाख से अधिक वोटों का यह भारी अंतर क्षेत्र में बीजेपी की मजबूत पकड़ को दिखाता है, जो उनके पिता शिवाजी कर्डिले द्वारा 2024 के आम चुनाव में हासिल 34,487 वोटों की जीत से कहीं ज्यादा है।
राहुरी सीट पर उपचुनाव अक्टूबर 2025 में वरिष्ठ बीजेपी नेता शिवाजी भानुदास कर्डिले के अचानक निधन के कारण कराना पड़ा।
बीजेपी ने उनके बेटे अक्षय कर्डिले को उम्मीदवार बनाया, विपक्ष की ओर से एनसीपी-एसपी ने गोविंद मोकाटे को उम्मीदवार बनाया, लेकिन वे खास प्रभाव नहीं डाल सके।
23 अप्रैल को हुए मतदान में 54.80 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई, जो 2024 के 74.97 प्रतिशत से कम है, फिर भी नतीजा बताता है कि वोट डालने वालों ने एकतरफा समर्थन दिया।
इसी बीच, पूर्व मंत्री और एनसीपी-एसपी नेता प्राजक्त तानपुरे ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की थी, जिन्होंने उन्हें राहुरी विधानसभा क्षेत्र में उनके सुझाए गए विकास कार्यों को लागू करने के लिए सरकारी मदद का आश्वासन दिया।
तानपुरे ने कहा कि वह अपने समर्थकों से चर्चा के बाद आगे का फैसला लेंगे।
यह जीत महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के लिए बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इसी के साथ बारामती में हुए उपचुनाव में सुनेत्रा पवार भी बढ़त बनाए हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुरी उपचुनाव का परिणाम बीजेपी की ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ की परीक्षा जैसा है।
अक्षय कर्डिले के लिए यह जीत राज्य की राजनीति में एक मजबूत और औपचारिक शुरुआत है, जिससे अहमदनगर की राजनीति में कर्डिले परिवार का प्रभाव आगे भी बना रहेगा।

