नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। पेपर लीक के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रख्यात शिक्षाविद आनंद कुमार ने मंगलवार को केंद्र सरकार से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की जांच करने का आग्रह किया, ताकि इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाओं की ‘जड़’ का पता चल सके।
सुपर 30 पहल के सूत्रधार आनंद कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “परीक्षा से कई दिन पहले ही प्रश्न पत्र के अनुमान पत्र के रूप में छात्रों तक पहुंच गए थे। जो कुछ भी हुआ है वह बहुत गलत है और इसके लिए कहीं न कहीं एनटीए की लापरवाही जिम्मेदार है।”
आनंद कुमार ने केंद्र सरकार से एनटीए की जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा, “जांच होनी चाहिए कि ये प्रश्न पत्र लीक बार-बार क्यों हो रहे हैं? छात्र परीक्षा प्रणाली और सरकार दोनों पर से विश्वास खो रहे हैं।”
शिक्षाविद ने सरकार से ऐसे कृत्यों की “जड़” का पता लगाने की भी अपील की। उन्होंने कहा, “रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावशाली लोग और माफिया प्रश्न पत्र लीक में शामिल हैं।”
आनंद ने कहा कि कोचिंग सेंटरों की बढ़ती संख्या के साथ, देश में शिक्षा एक व्यापार बन गई है।
उन्होंने दावा किया, “लोग इससे करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। ऐसे लोग फिर ‘गेस क्लास’ लेते हैं और गेस पेपर के जरिए प्रश्न लीक कर देते हैं।”
उन्होंने सरकार से ऐसे लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। आनंद कुमार ने यह भी कहा कि कोचिंग सेंटरों के लिए बनाए गए कानून का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
शिक्षाविद ने इस बात पर भी जोर दिया कि छात्रों की स्थिति और उनके माता-पिता के दर्द को समझना शिक्षकों और मीडिया सहित सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कठिन परिस्थिति में छात्रों को प्रेरित करना शिक्षकों का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा, “हम छात्रों को लगातार कह रहे हैं कि वे घबराएं नहीं, बल्कि इसे सुधार का एक और अवसर समझें। छात्रों को यह भी सिखाने की जरूरत है कि सफलता का रास्ता कभी भी शॉर्टकट नहीं हो सकता।”
आनंद कुमार ने छात्रों से पुनर्निर्धारित परीक्षा के लिए अच्छी तरह तैयारी करने और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से दूर रहने का आग्रह किया।

