Friday, August 7, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति आंध्र प्रदेश में जल्द बनेगा पिछड़ा वर्ग संरक्षण कानून, बुनकरों के लिए...

आंध्र प्रदेश में जल्द बनेगा पिछड़ा वर्ग संरक्षण कानून, बुनकरों के लिए 179 करोड़ रुपये जारी: सीएम चंद्रबाबू नायडू

0
3

अमरावती, 7 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य में पिछड़ा वर्ग (बीसी) के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जल्द ही एक नया कानून बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘बीसी प्रोटेक्शन एक्ट’ का मसौदा तैयार हो चुका है।

बापटला जिले के कोथापेटा गांव में 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़े वर्गों की सुरक्षा करना गठबंधन सरकार की जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से नया कानून लाया जा रहा है।

इस अवसर पर उन्होंने ‘नेथन्ना सेवालो’ (बुनकरों की सेवा में) योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पात्र बुनकर परिवारों को 25-25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने 71,536 बुनकर परिवारों के लिए 179 करोड़ रुपये जारी किए।

चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनकी सरकार कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों से कोई समझौता नहीं कर रही है। उन्होंने लोगों से राज्य की प्रगति में बाधा डालने वाली साजिशों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नेथन्ना सेवालो’ योजना इस बात का प्रमाण है कि उनकी सरकार चुनावी वादों को पूरा करने के साथ-साथ ऐसे कदम भी उठा रही है, जिनका वादा चुनाव के दौरान नहीं किया गया था।

उन्होंने कहा, “हथकरघा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक और देश को गौरवान्वित करने वाली कला है। आंध्र प्रदेश हथकरघा परंपराओं की समृद्ध विरासत वाला राज्य है और सरकार इस समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि चिराला, वेंकटगिरि, धर्मवरम, उप्पाडा, मंगलगिरि, पोंडुरु, पेडाना, श्रीकालहस्ती और नरसापुरम के हथकरघा उत्पादों को विशेष पहचान मिली है। राज्य में लगभग 1.27 लाख लोग हथकरघा क्षेत्र पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही बुनकरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है। हथकरघा परिवारों को हर महीने 200 यूनिट और पावरलूम इकाइयों को 500 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे 62,541 हथकरघा परिवार और 10,032 पावरलूम इकाइयां लाभान्वित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 50 वर्ष की आयु से बुनकरों को ‘एनटीआर पेंशन भरोसा’ योजना के तहत हर महीने 4,000 रुपये की पेंशन दी जा रही है। इस योजना का लाभ 85,000 बुनकरों को मिल रहा है, जिस पर सरकार हर महीने 35 करोड़ रुपये और सालाना 420 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य की 109 प्राथमिक हथकरघा सहकारी समितियों को 79 करोड़ रुपये की नकद ऋण सुविधा उपलब्ध कराई है। उप्पाडा में विशेष अवसंरचना परियोजना, मंगलगिरि में हैंडलूम पार्क और अमरावती के साखमुरु में हथकरघा एवं हस्तशिल्प संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा विशाखापत्तनम में 4,200 करोड़ रुपये के निवेश से टिकाऊ वस्त्र पुनर्चक्रण (टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग) इकाई भी स्थापित की जाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राज्य को राजधानी विहीन बना दिया और उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया।

उन्होंने कहा, “हम अमरावती को एक भव्य राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। पिछली सरकार ने राजधानी के मुद्दे पर बार-बार रुख बदला, तीन राजधानियों का खेल खेला और राज्य को भारी नुकसान पहुंचाया। जिस तरह एक परिवार को घर की जरूरत होती है, उसी तरह एक राज्य को भी राजधानी की जरूरत होती है।”

चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि अमरावती को लेकर फिर से साजिशें रची जा रही हैं और कुछ लोग राजधानी के मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।