गुवाहाटी, 8 मई (आईएएनएस)। असम ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के तहत तीन प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में जमीनी स्तर के शासन और ग्रामीण विकास पर बढ़ते जोर को दर्शाती है।
अधिकारियों के अनुसार, असम को केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा स्थापित ‘पंचायत सतत विकास ढांचा’ की विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार मिले हैं। राज्य ने ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार 2025’ जीता, जिसके तहत 1.50 करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया गया।
इस श्रेणी के तहत, सोनितपुर जिले की ‘न्यू नोपाम गांव पंचायत’ को ग्रामीण शासन, कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और सतत विकास पहलों में उसके प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ गांव पंचायत के रूप में मान्यता दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि यह पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, जनभागीदारी और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए पंचायत के प्रयासों को मान्यता देता है।
असम को “स्वच्छ और हरित पंचायत” श्रेणी में ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार 2025’ भी मिला, जिसके तहत 75 लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया।
नगांव जिले की ‘जुम्मुरमुर गांव पंचायत’ ने स्वच्छता अभियान, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास उपायों से संबंधित अपनी पहलों के लिए यह मान्यता हासिल की।
एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में डिब्रूगढ़ जिले की ‘हुगरीजान गांव पंचायत’ को “आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा” श्रेणी में सम्मानित किया गया। इसे सामुदायिक भागीदारी और विकास-उन्मुख नियोजन के माध्यम से सतत ग्रामीण बुनियादी ढांचा तैयार करने और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए यह सम्मान मिला।
अधिकारियों ने बताया कि ये पुरस्कार हर साल देशभर की पंचायतों द्वारा प्रभावी स्थानीय शासन के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में किए गए अनुकरणीय प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस साल के पुरस्कारों में असम का प्रदर्शन राज्य सरकार के विकेंद्रीकृत प्रशासन, ग्रामीण सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को उजागर करता है।
हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर वित्तीय सहायता, डिजिटल शासन, स्वच्छता पहलों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से ग्राम पंचायतों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
अधिकारियों ने आगे कहा कि यह राष्ट्रीय मान्यता असम में स्थानीय शासी निकायों को नवीन और जन-केंद्रित विकास पद्धतियों को अपनाने के लिए और अधिक प्रोत्साहित करेगी।

