गुवाहाटी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के दर्शन को याद किया और कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
सीएम सरमा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन आज भी उन प्रयासों का मार्गदर्शन करता है, जिनका मकसद विकास का लाभ समाज के सबसे वंचित वर्ग तक पहुंचाना है।
उन्होंने लिखा, “अंत्योदय से राष्ट्रोदय तक। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनका अंत्योदय का दर्शन आज भी हमारा मार्गदर्शन करता है, यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके माध्यम से राष्ट्र सशक्त बने।”
25 सितंबर को दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई जाती है। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता और उसकी वैचारिक रूपरेखा से जुड़े प्रमुख विचारकों में से एक थे। उनका अंत्योदय दर्शन सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था में सबसे नीचे खड़े व्यक्ति के उत्थान और कल्याण पर जोर देता है।
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व जनसंघ नेता को याद किया। उन्होंने समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान पर उपाध्याय के जोर को रेखांकित किया और अंत्योदय को जन कल्याण और राष्ट्रीय प्रगति की प्रेरणा बताया।
असम के मुख्यमंत्री अक्सर कल्याणकारी योजनाओं और विकास को अपनी सरकार के शासन एजेंडे के प्रमुख घटक के रूप में रेखांकित करते रहे हैं।
दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 1916 में हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता थे, जो भारतीय जनता पार्टी का पूर्ववर्ती राजनीतिक दल है। उन्होंने एकात्म मानववाद के दर्शन को सामने रखा और सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के सिद्धांत के रूप में अंत्योदय की वकालत की।
सीएम हिमंता सरमा ने अपनी श्रद्धांजलि के अंत में सार्वजनिक जीवन और शासन में उपाध्याय के विचारों की निरंतर प्रासंगिकता को दोहराया।
