गुवाहाटी, 17 सितंबर (आईएएनएस)। राइजर दल के अध्यक्ष और शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने गुरुवार को ऊपरी असम में हालिया बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन के बाहर एक दिन का भूख हड़ताल (अनशन) शुरू किया।
सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस अनशन के जरिए गोगोई ने असम सरकार और केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बेहतर राहत, पुनर्वास और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की मांग की है।
अखिल गोगोई ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारें बाढ़ से हुई भारी तबाही का प्रभावी ढंग से जवाब देने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ प्रभावित ऊपरी असम के इलाकों का दौरा करने या दूरदराज के क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए कोई विशेष सहायता पैकेज घोषित नहीं किया और न ही इस आपदा पर चिंता जताते हुए कोई संदेश जारी किया।
राइजर दल प्रमुख ने सत्तारूढ़ दल के नेताओं, मंत्रियों और विधायकों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनका पूरा ध्यान नगांव लोकसभा उपचुनाव पर केंद्रित है, जबकि बाढ़ प्रभावित परिवार अब भी सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं।
राइजर दल ने मांग की है कि प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को तत्काल 15,000 से 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा जिन परिवारों के घर या संपत्ति पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। पार्टी ने बाढ़ से प्रभावित व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए भी समान मुआवजे की मांग की है।
अखिल गोगोई ने ऊपरी असम में आई बाढ़ के कारणों की जांच के लिए सीबीआई जांच कराने की भी मांग की। उन्होंने पहले भी आरोप लगाया था कि अवैध खनन और अन्य गतिविधियों ने बाढ़ की तबाही को और बढ़ाया हो सकता है।
राइजर दल ने असम के जल संसाधन मंत्री सुशांत बोर्गोहेन को मंत्रिमंडल से हटाने, सोनारी के विधायक धर्मेश्वर कोनवार और नजीरा के विधायक मयूर बोर्गोहेन की गिरफ्तारी की भी मांग की है।
गोगोई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। राइजर दल ने 23 सितंबर को गुवाहाटी में बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा भी की है।
यह अनशन ऊपरी असम में बाढ़ राहत, पुनर्वास और आपदा के कारणों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर राइजर दल के जारी अभियान का हिस्सा है।
