गुवाहाटी, 20 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्वी असम के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। राज्य के सात जिलों में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। असम सरकार के बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे बचाव और राहत अभियान में मदद के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ शुरू किया है। अधिकारियों ने इस बारे में सोमवार को जानकारी दी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेना और असम राइफल्स की टीमों को सबसे ज्यादा प्रभावित जिलोंचराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में तैनात किया गया है। इन इलाकों में बाढ़ के पानी से बड़े क्षेत्र डूब गए हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
अगर हालात और खराब होते हैं, तो हवाई मदद के लिए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को भी तैयार रखा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सेना के जवान सिविल प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत कार्यों में भी मदद कर रहे हैं।
बाढ़ ने इस इलाके में ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बाधित किया है।
बाढ़ के पानी से रेलवे तटबंधों के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बह गए हैं, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कम से कम दो स्थानों पर तटबंध टूटने की खबर सामने आई है।
कई गांव अभी भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, जबकि निचले इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बचाव कार्यों की निगरानी और जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए राज्य के मंत्रियों बिमल बोरा और सुशांत बोरगोहेन को प्रभावित जिलों में भेजा है।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राहत सामग्री और पुनर्वास सहायता समय पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन के संपर्क में रहें।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, रविवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। शिवसागर जिले में एक व्यक्ति की मौत की भी खबर है।
इस मौत के साथ ही, इस साल राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
एएसडीएमए के आंकड़ों के अनुसार, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों में 57,100 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित लोगों की संख्या एक दिन पहले के करीब 24,000 से बढ़कर अब काफी ज्यादा हो गई है।
चराइदेव सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां करीब 24,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके बाद धेमाजी का स्थान है, जहां 22,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। डिब्रूगढ़ में भी 4,000 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की खबर है। वहीं, बाढ़ का पानी जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुरी के कुछ इलाकों में भी फैल गया है।
इलाके में और बारिश की संभावना को देखते हुए अधिकारी बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। वहीं, बचाव दल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

