गुवाहाटी, 29 मई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य लगातार वृद्धि और समझदारी भरे वित्तीय प्रबंधन के जरिए ‘विकसित असम’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
मुख्य आर्थिक संकेतकों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम ने 2020 से 2025 तक लगातार पांच वर्षों तक राजस्व अधिशेष बनाए रखने में सफलता हासिल की है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय स्थिति और अनुशासित सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में असम के योगदान में भी वृद्धि देखी गई है। राष्ट्रीय जीडीपी में राज्य की हिस्सेदारी 2020-21 में 1.71 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 1.95 प्रतिशत हो गई है।
इस उपलब्धि को लगातार आर्थिक विस्तार का संकेत बताते हुए सीएम सरमा ने कहा कि राज्य सरकार का ध्यान बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश को बढ़ावा देने, वित्तीय अनुशासन और जन-कल्याणकारी शासन पर केंद्रित रहा है, जिसने असम की आर्थिक नींव को मजबूत किया है।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, “एक विकसित असम की नींव वित्तीय समझदारी और लगातार आर्थिक विस्तार पर टिकी होती है।”
उन्होंने कहा कि लगातार पांच वर्षों तक राजस्व अधिशेष बनाए रखना यह दर्शाता है कि असम ने सार्वजनिक वित्त में बेहतर अनुशासन सुनिश्चित करते हुए खर्च की तुलना में अधिक आय अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने जीडीपी में बढ़ते योगदान को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में असम की बढ़ती भूमिका का प्रमाण भी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा सरकार की ‘अटल, अविचल और अग्रगामी असम’ के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, कनेक्टिविटी में सुधार, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
राज्य सरकार ने इस बात का जिक्र किया कि विभिन्न क्षेत्रों में जन-कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं को लागू करते समय वित्तीय समझदारी उसकी प्रमुख प्राथमिकता बनी रहेगी।
ये नए आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब असम खुद को पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक उभरते हुए आर्थिक और निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, और सरकार का लक्ष्य उद्योग, कृषि, पर्यटन और सेवा क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करना है।

