मुंबई, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश की संवैधानिक संस्थाओं जैसे सुप्रीम कोर्ट, सीएजी और आरबीआई पर दबाव बनाने और उनकी विश्वसनीयता कम करने की सोची-समझी साजिश रच रहे हैं।
मुख्यमंत्री की यह कड़ी प्रतिक्रिया तब आई, जब राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर एक बड़ा मार्च निकाला।
विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी निष्पक्षता को कमजोर किया है और देश को लूटा है।
सीएम फडणवीस ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे एक तरफ तो संविधान की प्रतियां दिखाते हैं और दूसरी तरफ संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर करते हैं। मौजूदा विरोध प्रदर्शन एक चरम वामपंथी साजिश का हिस्सा हैं, जिसका मकसद डॉ. बीआर अंबेडकर के संविधान को नकारना और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास पैदा करना है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सीजेआई से मुलाकात के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के तर्क पर सवाल उठाते हुए पूछा, “संविधान की कौन सी धारा भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलने की मांग को लेकर राजनीतिक मार्च निकालने की इजाजत देती है? सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश डॉ. अंबेडकर के संविधान का सीधा अपमान है।”
उन्होंने 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कड़ा विरोध जताया। उन्होंने बताया कि कैसे उस समय कांग्रेस सरकार ने मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया था और नागरिकों को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने से रोक दिया था।
उन्होंने कहा, “हमने 1975 में संविधान के साथ छेड़छाड़ के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और आज भी हम लड़ेंगे। हम कभी भी किसी को डॉ. बीआर अंबेडकर के संविधान में बदलाव या छेड़छाड़ नहीं करने देंगे।”
सीएम फडणवीस ने कहा कि बार-बार चुनाव हारने की वजह से कांग्रेस अराजकता का रास्ता अपना रही है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए पिछले आंदोलनों का भी जिक्र किया, जहां सोशल मीडिया एल्गोरिदम का इस्तेमाल करके अफरा-तफरी फैलाई गई थी।
उन्होंने बताया कि बाद में मेटा जैसे प्लेटफॉर्म ने विज्ञापन आधारित कंटेंट और प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट से जुड़ी गलतियों के लिए माफी भी मांगी थी। कांग्रेस को अपनी राजनीतिक हार के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को दोष देना बंद करना चाहिए और इसके बजाय अपनी नाकाम लीडरशिप पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस को अपनी हार की वजह ईवीएम में नहीं, बल्कि अपनी लीडरशिप में ढूंढनी चाहिए। यह ऐसी लीडरशिप है जिसे बार-बार दोबारा लॉन्च किया जाता है, लेकिन हर बार वह नाकाम ही रहती है।”
कांग्रेस के घटते प्रभाव पर जोर देते हुए सीएम फडणवीस ने बताया कि देश के कई अहम राज्यों ने दशकों से इस पार्टी को नकार दिया है, जैसे तमिलनाडु (59 साल), पश्चिम बंगाल (50 साल), उत्तर प्रदेश (46 साल), सिक्किम (42 साल), बिहार (36 साल), त्रिपुरा (33 साल), गुजरात (31 साल) और मध्य प्रदेश व ओडिशा (23 साल से ज्यादा)।
उन्होंने कहा कि 18 राज्यों में मतदाता दशकों से कांग्रेस से दूर हैं, जिससे पार्टी को अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए डीएमके, आजेडी और बीएसपी जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानून के शासन के प्रति जनता के मन में सुनियोजित तरीके से अविश्वास पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
