ढाका, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेशी पुलिस ने मंगलवार को अवामी लीग की वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्लियामेंट स्पीकर शिरीन शर्मिन चौधरी को गिरफ्तार किया। स्थानीय मीडिया ने इसका खुलासा किया गया। शिरीन देश की पहली महिला स्पीकर रह चुकी हैं।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (मीडिया) के डिप्टी कमिश्नर एनएम नसीरुद्दीन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पूर्व स्पीकर को मंगलवार सुबह ढाका के धानमंडी स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया गया।
बांग्लादेशी डेली ढाका ट्रिब्यून ने पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा, “हमारी जानकारी के अनुसार, जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर उनके खिलाफ राजधानी के बनानी और उत्तरा पुलिस स्टेशनों में केस दर्ज कराया गया। उनके खिलाफ रंगपुर में भी एक केस है।”
सूत्रों के हवाले से, ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान रंगपुर में गोल्ड वर्कर मुस्लिम उद्दीन के कत्ल का केस चौधरी पर लगाया गया है।
27 अगस्त, 2024 को दर्ज कराए गए मर्डर केस में चौधरी और पूर्व वाणिज्य मंत्री टीपू मुंशी समेत 16 लोगों के नाम शामिल हैं।
इसी केस में मुंशी कस्टडी में हैं।
रंगपुर-6 चुनाव क्षेत्र से 30 अप्रैल, 2013 को सांसद चुनी गई थीं। इसके बाद वो देश की पहली महिला स्पीकर बनीं।
उन्होंने लगातार चार कार्यकाल पूरे किए, जिसमें आखिरी 30 जनवरी, 2024 को 12वीं नेशनल पार्लियामेंट के स्पीकर के तौर पर था।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि चौधरी ने शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार के गिरने के 27 दिन बाद 2 सितंबर, 2024 को पद छोड़ दिया था।
यह नई घटना अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के उस पैटर्न को दिखाती है जो पिछली मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के अठारह महीने के कार्यकाल से जारी है।
पिछले महीने, अवामी लीग ने देश भर में राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही सामूहिक गिरफ्तारी और हिरासत में हत्याओं पर गहरी चिंता जताई थी, और कहा था कि ये काम बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और न्याय और कानून के शासन को कमजोर करते हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सरकार ने यूनुस की अगुवाई वाली पिछली अंतरिम सरकार की राह पर चलते हुए, असहमति को दबाने और राजनीतिक बदला लेने के मकसद से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर “दमन और यंत्रणा का” कुचक्र रचा।
अवामी लीग ने कहा, “राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी, साथ ही हिरासत में मौतें, लगातार हो रही हैं। बार-बार गिरफ्तारी, बिना सोचे-समझे रिमांड ऑर्डर और हिरासत में मौत की खबरों से पूरे देश में दर्द और रोष फैल रहा है।”

