ढाका, 1 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की अवामी लीग ने आरोप लगाया है कि अगस्त 2024 के बाद से देश गहरे संकट में फंस गया है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक अस्थिरता, बढ़ता आर्थिक दबाव, उद्योगों में रोजगार की कमी, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां, बढ़ती गरीबी और जलवायु संबंधी आपदाओं ने मिलकर गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है।
अवामी लीग ने विभिन्न स्रोतों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस संकट का सबसे अधिक असर बच्चों, महिलाओं, श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों पर पड़ा है।
पार्टी के अनुसार, शिक्षा क्षेत्र में लगभग 3.3 करोड़ बच्चों की पढ़ाई राजनीतिक अस्थिरता और जलवायु संबंधी घटनाओं के कारण प्रभावित हुई है। वहीं, राजनीतिक गिरफ्तारियों का मुद्दा भी चिंता का विषय बना हुआ है। पार्टी ने दावा किया कि ढाका में 707 मामलों के सिलसिले में 5,079 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों का आरोप है कि 4 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि नवंबर 2025 तक करीब 30,000 लोग हिरासत में थे।
औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति पर अवामी लीग ने कहा कि 500 से अधिक बड़े निर्यात-उन्मुख कारखाने, जिनमें परिधान (गारमेंट) इकाइयां भी शामिल हैं, बंद हो चुकी हैं। अक्टूबर 2024 तक ही 300 से अधिक इकाइयों के बंद होने की जानकारी सामने आई थी।
पार्टी के अनुसार, गारमेंट निर्यात से होने वाली आय लगभग 42 अरब डॉलर से घटकर 37 अरब डॉलर रह गई, यानी करीब 12 प्रतिशत की कमी आई। इसके परिणामस्वरूप लगभग 15 लाख श्रमिकों की नौकरियां चली गईं। अवामी लीग ने दावा किया कि बैक्सिम्को समूह में करीब 40,000 कर्मचारियों की छंटनी हुई, जबकि चमड़ा उद्योग की 80 फैक्ट्रियां बंद हो गईं। ढाका के सिरेमिक उद्योग में भी 100 से अधिक फैक्ट्रियां या उत्पादन इकाइयां बंद या निष्क्रिय हो चुकी हैं।
अवामी लीग ने कहा कि इस औद्योगिक संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है। गारमेंट उद्योग में लगभग 80 प्रतिशत कार्यबल महिलाएं हैं, लेकिन कुल नौकरी गंवाने वालों में उनका हिस्सा करीब 90 प्रतिशत बताया जा रहा है। इससे महिलाओं के रोजगार और परिवारों की आर्थिक सुरक्षा पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी पार्टी ने चिंता जताई। उसके अनुसार, 2024 में राजनीतिक बदलाव के बाद के सात महीनों में बच्चों के अपहरण से संबंधित लगभग 15,000 जनरल डायरी दर्ज की गईं।
स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए अवामी लीग ने कहा कि खसरा (मीजल्स) का प्रकोप एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन गया है। पार्टी के अनुसार, यह बीमारी देश के सभी 64 जिलों में फैल चुकी है और नियमित टीकाकरण का दायरा हर साल लगभग 4 से 5 प्रतिशत अंक घट रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को खसरे से छह और बच्चों की मौत हुई, जिसके बाद इस वर्ष संदिग्ध और पुष्ट मौतों की कुल संख्या बढ़कर 979 हो गई है।
अवामी लीग ने कहा कि जलवायु संबंधी आपदाओं ने भी संकट को और गहरा किया है। पार्टी का आरोप है कि स्थानीय प्रशासनिक ढांचे के कमजोर होने से आपदा रोकथाम और तैयारी की व्यवस्था प्रभावित हुई है।
पार्टी ने कहा कि देश के लगभग सभी क्षेत्रों में बढ़ता संकट बांग्लादेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता पर दबाव डाल रहा है और इसका सबसे अधिक असर बच्चों, महिलाओं, मजदूरों तथा गरीब परिवारों पर पड़ रहा है।
