ब्रुसेल्स, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डे वेवर ने सोमवार को बजट वार्ता असफल होने के बाद अपना इस्तीफा किंग फिलिप को सौंप दिया। हालांकि, किंग फिलिप ने अभी इस इस्तीफे पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और आने वाले दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा करेंगे।
बेल्जियम के शाही महल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा, “किंग ने बार्ट डे वेवर से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने बजट वार्ता विफल रहने के बाद अपना इस्तीफा पेश किया है। किंग ने फिलहाल अपने निर्णय को सुरक्षित रखा है और कल से सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के साथ बातचीत शुरू करेंगे।”
किंग फिलिप ने इस बात पर अफसोस जताया कि मौजूदा चुनौतियों के अनुरूप बजट पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने कहा कि बड़े भू-राजनीतिक संकटों और आर्थिक चुनौतियों के दौर में बेल्जियम लंबे समय तक राजनीतिक संकट का जोखिम नहीं उठा सकता।
शाही महल के एक अन्य बयान में कहा गया, “किंग को खेद है कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप एक भरोसेमंद बजट पर सहमति नहीं बन पाई। बड़े भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों के बीच देश लंबे राजनीतिक संकट का सामना नहीं कर सकता।”
किंग ने सभी पक्षों से जिम्मेदारी दिखाने और देशहित को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से समझौते की भावना के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री बार्ट डे वेवर 6 नवंबर को एक बार फिर किंग फिलिप से मुलाकात करेंगे।
बजट को लेकर अपने मंत्रियों के साथ सहमति न बन पाने के बाद डी वेवर ने किंग फिलिप से मुलाकात की। ‘द ब्रसेल्स टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत इसलिए विफल रही क्योंकि ‘वूरुइट’ (फ्लेमिश सोशल डेमोक्रेट्स), ‘क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक एंड फ्लेमिश’ (सीडी एंड वी) और ‘लेस एंगेज’ (फ्रैंकोफोन सेंट्रिस्ट्स) ने ‘सबसे मजबूत आर्थिक कंधों’ पर कर बढ़ाने की मांग की थी। वहीं, फ्रैंकोफोन लिबरल्स और फ्लेमिश राष्ट्रवादियों ने इसका कड़ा विरोध किया।
बताया गया है कि बार्ट डे वेवर ने सोमवार को किंग फिलिप के साथ एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की और स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे के बाद महल से बाहर निकले।
‘द ब्रुसेल्स टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, यदि किंग फिलिप उनका इस्तीफा स्वीकार कर लेते हैं, तो नए चुनावों की तारीखों की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, एक संभावना यह भी है कि पिछली चुनावी ताकत के आधार पर नई सरकार बनाने की कोशिश की जाए।
अब सभी की नजरें शुक्रवार को होने वाली किंग फिलिप और बार्ट डे वेवर की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां बेल्जियम की राजनीतिक स्थिति को लेकर आगे का रास्ता तय हो सकता है।
