बेंगलुरु, 21 जुलाई (आईएएनएस)। बेंगलुरु के शिवाजीनगर इलाके में फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम पर मंगलवार को कुछ लोगों ने कथित तौर पर पेपर स्प्रे और हेलमेट से हमला कर दिया। इस घटना के बाद संवेदनशील इलाके में तनाव फैल गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बेंगलुरु शहरी विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने नगर निगम अधिकारियों पर हुए कथित हमले की निंदा की। उन्होंने हमलावरों को ‘गुंडा तत्व’ बताते हुए कहा कि इस घटना में शामिल हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना शिवाजीनगर बस टर्मिनल के पास हुई, जहां ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रही थी। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों ने अभियान में बाधा डाली, नगर निगम कर्मचारियों से मारपीट की और उन पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे क्षेत्र में पहले से घोषणा करने के बाद अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया था, लेकिन कुछ देर बाद एक समूह ने आकर अधिकारियों पर हमला कर दिया।
बीबीएमपी के एक सुपरवाइजर ने बताया, “हमने सुबह 9 बजे घोषणा के बाद अभियान शुरू किया था। हमें नहीं पता वे लोग कौन थे। उन्होंने हम पर हमला कर दिया और पेपर स्प्रे छिड़क दिया। वरिष्ठ सहायक कार्यकारी अभियंताओं पर भी हमला किया गया।”
उन्होंने बताया कि एक सहायक अभियंता पर हेलमेट से हमला किया गया।
अभियान में शामिल जेसीबी चालक ने भी आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई। उसने कहा, “कुछ लोग समूह में आए और मुझसे काम रोकने के लिए कहा। बाद में उन्होंने पेपर स्प्रे किया और वहां से भाग गए।”
अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय संगठनों से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने पहले जीबीए अधिकारियों और पुलिस के साथ तीखी बहस की, जिसके बाद मामला हिंसक हो गया। इस दौरान नगर निगम के इंजीनियरों और फील्ड स्टाफ को निशाना बनाया गया।
शिवाजीनगर पहले से ही सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका माना जाता है, इसलिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे, और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ समय के लिए अभियान रोक दिया गया, लेकिन बाद में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच दोबारा शुरू किया गया।
इसके बाद बेंगलुरु पुलिस और जीबीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिवाजीनगर बस स्टैंड के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, एक अन्य आरोपी, जिसे कन्नड़ समर्थक संगठन का कार्यकर्ता बताया जा रहा है, फरार है। पुलिस यह जांच कर रही है कि वह मौके पर कैसे पहुंचा और सरकारी अभियान में बाधा डालने में उसकी क्या भूमिका थी।
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि आरोपी कोई गरीब लोग नहीं थे जो अपनी आजीविका चला रहे हों, बल्कि असामाजिक तत्व थे जिन्होंने सरकारी कर्मचारियों पर हमला किया।
उन्होंने कहा, “सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने वाले हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। मैंने इस संबंध में पुलिस आयुक्त और जीबीए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
मंत्री ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करते समय सरकारी कर्मचारियों पर हमला करना गंभीर अपराध है। कानून के अनुसार अपना कर्तव्य निभाने वाले अधिकारियों के साथ सरकार मजबूती से खड़ी है। अपने कर्तव्य का पालन कर रहे अधिकारियों पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि वह लगातार जीबीए और पुलिस अधिकारियों के संपर्क में हैं और पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।
इस मामले में कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की जा रही है, और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

