केंद्र पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान चिंताओं को दूर करने में विफल रहा: भूपेश बघेल

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रायपुर, 11 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से नागरिकों से की गई आर्थिक संयम बरतने की अपील पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोने की बढ़ती कीमतों और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर उन पर और भाजपा पर तीखा हमला किया।

बघेल ने कहा कि सबसे पहले तो प्रधानमंत्री आखिरकार जाग गए हैं। सोना, जो 1.5 लाख रुपए पर था, 1.86 लाख रुपए तक पहुंच गया था, लेकिन तब प्रधानमंत्री चुप रहे।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि केंद्र पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान चिंताओं को दूर करने में विफल रहा।

उन्होंने कहा कि जब पश्चिम एशिया में युद्ध चल रहा था, तब वे चुप रहे। अब चुनाव खत्म हो गए हैं, तो वे अचानक बोलने लगे हैं।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विपक्ष ने देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों के बारे में सरकार को बार-बार चेतावनी दी थी, लेकिन भाजपा ने उनकी चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया।

उन्होंने कहा कि जब विपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठा रहा था और ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की चेतावनी दे रहा था, तब प्रधानमंत्री और पूरी भाजपा यही कहते रहे कि विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है।

बघेल ने भाजपा नेताओं से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि अब जब प्रधानमंत्री ने खुद इस स्थिति को स्वीकार कर लिया है, तो उन सभी नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए।

आर्थिक परिदृश्य को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए बघेल ने आगे कहा कि देश जिस आर्थिक संकट का सामना करने वाला है, उसके लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं।

इसी बीच, बघेल ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विपक्षी एकता पर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी राजनीतिक रणनीति पर कटाक्ष किया।

उन्होंने इसे बहुत जल्दी समझ लिया। भाजपा तो वहां मौजूद ही नहीं थी। आपने (बनर्जी) ही कहा था कि भारतीय जनता पार्टी हमारी स्वाभाविक मित्र है। और आज, जब सब कुछ खत्म हो चुका है, तब आपको एहसास हुआ है।