भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बिहार पुलिस ने दागी एसडीपीओ को पदमुक्त किया

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पटना, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार पुलिस मुख्यालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद किशनगंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) गौतम कुमार को तत्काल प्रभाव से उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया है।

उन्हें पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है और ‘पोस्टिंग का इंतजार’ वाले दर्जे पर रखा गया है। पुलिस मुख्यालय ने किशनगंज सदर-2 के एसडीपीओ को इस पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया है।

यह कार्रवाई 31 मार्च को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की ओर से अधिकारी से जुड़े छह ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद की गई है।

इस अभियान के दौरान, अधिकारियों को कथित तौर पर गौतम कुमार, उनकी पत्नी, सास और एक महिला सहयोगी के नाम पर पंजीकृत करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली। शुरुआती जांच के अनुसार, अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सेवा अवधि के दौरान लगभग 80 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की है।

ईओयू पुलिस स्टेशन में 29 मार्च को बीएनएस 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, प्रथम दृष्टया सबूतों से पता चलता है कि गौतम कुमार ने करोड़ों रुपये की संपत्ति जमा की है। इसी आधार पर, ईओयू की टीमों ने मंगलवार को पटना, पूर्णिया और किशनगंज में उनसे जुड़े छह ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।

गौतम कुमार 1994 में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर पुलिस बल में शामिल हुए थे और बाद में उन्हें पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया। उन्होंने अररिया, किशनगंज और पूर्णिया क्षेत्रों में लंबे समय तक सेवा दी है।

आर्थिक अपराध इकाई की इस बड़े पैमाने की कार्रवाई से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और नतीजों के आधार पर और भी कार्रवाई की जा सकती है।

ईओयू ने पुलिस स्टेशन में 29 मार्च को भी छापेमारी की थी। उस मामले में, वैभव कुमार पर लगभग 2.41 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति रखने का आरोप है।

जांच में पता चला कि यह राशि उनकी ज्ञात आय से लगभग 78.03 प्रतिशत अधिक है, जिसके चलते सहरसा और मुजफ्फरपुर में छह ठिकानों पर छापेमारी की गई।