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नागांव उपचुनाव से पहले कांग्रेस का हमला, बघेल ने भाजपा और एआईयूडीएफ पर लगाया सांठगांठ का आरोप

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गुवाहाटी, 21 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव और असम प्रभारी भूपेश बघेल ने सोमवार को आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईआईयूडीएफ) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच की मिलीभगत नागांव में चल रहे चुनावी मुकाबले में स्पष्ट रूप से नजर आ रही है।

बघेल ने नागांव में मीडिया को संबोधित करते हुए दावा किया कि आगामी लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच की राजनीतिक मिलीभगत देखी जा सकती है।

बघेल ने कहा, “नागांव में इस समय चुनाव चल रहे हैं और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का गठबंधन यहां साफ दिखाई दे रहा है।” हालांकि उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में किसी विशिष्ट घटना या सबूत का जिक्र नहीं किया।

बघेल की ये टिप्पणी नागांव में बढ़ते प्रतिस्पर्धी चुनावी माहौल के बीच आई है, जहां कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले अपना समर्थन मजबूत करने के लिए प्रचार कर रहे हैं।

इस बीच, कांग्रेस ने नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए 40 प्रमुख प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और असम तथा अन्य राज्यों के प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं। यह सूची कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा 16 सितंबर को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) के तहत चुनाव आयोग को सौंपी गई थी।

सूची में शामिल प्रमुख प्रचारकों में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, कांग्रेस सांसद वाजेद अली चौधरी, असम के पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत शामिल हैं। सूची में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार का नाम भी है।

अन्य वरिष्ठ नेताओं में असम कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता देबब्रता सैकिया, पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा, पूर्व मंत्री पाबन सिंह घटोवार, अलका लांबा, इमरान प्रतापगढ़ी, श्रीनिवास बीवी और त्रिपुरा के पूर्व मंत्री सुदीप रॉय बर्मन को प्रमुख प्रचारकों के रूप में नामित किया गया है।

कांग्रेस उपचुनाव से पहले समर्थन जुटाने के प्रयासों में जुटी है और इस दौरान निर्वाचन क्षेत्र में अपने अभियान को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को निर्धारित है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। इस चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के बीच बहुकोणीय मुकाबला होने की आशंका है।