Wednesday, June 24, 2026
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बिहार: हर बूथ तक पहुंचेगा पीएम मोदी का संदेश, ‘मन की बात’ को लेकर भाजपा की विशेष तैयारी

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पटना, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का अगला संस्करण रविवार को प्रसारित होने वाला है। बिहार में इस कार्यक्रम की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है।

पटना स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक तैयारी बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम के 133वें संस्करण की योजना बनाने के लिए मंडल अध्यक्षों और कार्यक्रम समन्वयकों ने वर्चुअली हिस्सा लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि ‘मन की बात’ एक मासिक मंच के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे नागरिकों से जुड़ते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं कि कार्यक्रम का प्रसारण प्रत्येक मतदान केंद्र पर हो, जिससे अधिकतम जन-भागीदारी और पहुंच सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य संगठनात्मक शक्ति और जनभागीदारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के विचारों को हर बूथ तक पहुँचाना है।

संजय सरावगी ने कहा कि ‘मन की बात’ की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को उजागर करती है और उनकी सराहना करती है, जिससे उनके योगदान पर पूरे देश का ध्यान जाता है।

राज्य संगठन के महासचिव भीखू भाई दलसानिया भी इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और उसके क्रियान्वयन, संगठनात्मक समन्वय को सुदृढ़ करने तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

राज्य उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक राजेंद्र सिंह ने राज्य-स्तरीय टीम के साथ मिलकर, इस कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाने की रणनीतियां प्रस्तुत कीं।

‘मन की बात’ मुख्य रूप से राष्ट्रीय मुद्दों और जनभागीदारी, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, खेल, विज्ञान, कला और संस्कृति जैसे विषयों पर केंद्रित होता है। यह कार्यक्रम पीएम मोदी और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का एक प्रमुख माध्यम बन गया है, जो ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को बढ़ावा देता है।

26 अप्रैल का प्रसारण इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का दूसरा चरण नजदीक आ रहा है।