भाजपा ने लोकतंत्र का अपहरण कर उसे नष्ट कर दिया है: अरविंद केजरीवाल

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर लोकतंत्र का अपहरण करने और उसे नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने पंजाब के आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की उपस्थिति में कहा कि राज्य में चार साल सत्ता में रहने के बाद भी सत्ता समर्थक रुझान दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने वोटों की हेराफेरी और जोड़-तोड़, ‘चोरी’ की गई राज्यसभा सीटों और राज्य के हकों से वंचित करने के मामले में भाजपा पर तीखा हमला भी किया।

राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद नई दिल्ली स्थित पंजाब के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास कपूरथला हाउस पहुंचे विधायकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हमारी सरकार बने चार साल हो गए हैं और चुनाव में अब 10 महीने बचे हैं। चुनाव से ठीक एक साल पहले सरकार की तारीफ करना बहुत कम देखने को मिलता है। आमतौर पर चार साल बाद लोग कहते हैं कि सत्ता विरोधी लहर जोरों पर है। लेकिन पंजाब में आप किसी भी गांव या मोहल्ले में जाइए, आज वहां सत्ता विरोधी लहर नहीं है; बल्कि सत्ता समर्थक लहर है। लोग खुलकर और दिल से पंजाब सरकार की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है।

लोकतंत्र पर चिंता जताते हुए आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने कहा कि पूरे देश में एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। भाजपा ने लोकतंत्र का अपहरण कर उसे नष्ट कर दिया है। चुनाव जीतने से भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने कहा कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीबीआई) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं, धन बल का प्रयोग करते हैं, विधायकों की खरीद-फरोख्त करते हैं, पार्टियां तोड़ते हैं, सरकारें गिराते हैं, नेताओं को जेल भेजते हैं, वोटों को रद्द और दर्ज करवाते हैं। पश्चिम बंगाल में हाल ही में जो हुआ वह चुनाव नहीं था; हम महीनों से वहां यही सब होते देख रहे हैं। बिहार, महाराष्ट्र और यहां तक ​​कि मेरे अपने निर्वाचन क्षेत्र नई दिल्ली में भी यही सब हुआ है।

केजरीवाल ने कहा कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में, मेरे जेल जाने से पहले 148,000 वोट थे, और जब मैं लौटा, तो केवल 106,000 वोट ही बचे थे। छह महीनों में लगभग 42,000 वोट रद्द कर दिए गए। मैंने पिछला चुनाव 30,000 वोटों से जीता था, लेकिन 42,000 वोटों के रद्द होने के बाद, मैं 3,000 वोटों से हार गया। जब सारे वोट रद्द हो जाएं तो कोई कैसे जीत सकता है? यह पूरे देश में हो रहा है और लोकतंत्र खतरे में है, वह लोकतंत्र जिसके लिए भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों जैसे हमारे शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।

पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री ने बीते चुनावों को याद करते हुए कहा कि 2014 को याद कीजिए जब नरेंद्र मोदी के पक्ष में लहर दौड़ रही थी। मई 2014 में सरकार बनने के बाद उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में लगातार चुनाव जीते। जहां भी चुनाव हुए, वे लगातार जीतते रहे। फिर आया फरवरी 2015, और दिल्ली चुनावों में भाजपा 70 सीटों में से केवल तीन सीटें ही जीत पाई।

उन्होंने आगे कहा कि रामायण में भगवान राम द्वारा छोड़े गए अश्वमेध घोड़े की कहानी है, जो जिस भी भूमि से गुजरता था, उस पर अपना अधिकार जमा लेता था। कहा जाता है कि लव और कुश ने उस घोड़े को अमृतसर में रोका था। ठीक उसी तरह, दिल्ली की जनता ने उस अश्वमेध घोड़े को रोका। भाजपा की जीत का सिलसिला उस घोड़े की तरह आगे बढ़ रहा था, और दिल्ली की जनता और आम आदमी पार्टी ने ही उसे रोका।

हालांकि, उन्होंने कहा कि एक बार फिर लहर उठ रही है। वे असम, बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली में हर जगह जीत रहे हैं। लेकिन अगले फरवरी में होने वाले पंजाब चुनावों में अश्वमेध के इस घोड़े को रोक दिया जाएगा, और पंजाब चुनावों के बाद मोदी सरकार गिर जाएगी। मोदी सरकार का अंत पंजाब के जरिए ही होगा।