अगरतला, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा ने रविवार को त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
2021 से भाजपा की सहयोगी पार्टी, टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी), रणनीतिक रूप से टीटीएएडीसी पर शासन कर रही है। इसे त्रिपुरा में राज्य विधानसभा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक और राजनीतिक संस्थान माना जाता है।
भाजपा के पांच सदस्यों वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को लोक भवन में राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू से मुलाकात की और टीटीएएडीसी में 120 पदों पर भर्ती की जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता और लोकसभा के पूर्व सदस्य रेबती त्रिपुरा ने आरोप लगाया कि वर्तमान टीटीएएडीसी प्रशासन बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त है। ज्ञापन में कहा गया है कि पूरे प्रशासन ने ऐसे तरीके से काम किया जिससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और परियोजना के पैसों का बड़े पैमाने पर हेरफेर संभव हो सका।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि हाल ही में हुए टीटीएएडीसी चुनावों के दौरान परिषद प्रशासन ने ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के 120 पदों के लिए नौकरियां निकालीं और बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किए जल्दबाजी में और गुपचुप तरीके से नियुक्तियां कीं।
ज्ञापन के अनुसार, भर्ती के ऐसे तरीके स्थापित मानदंडों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं, जिससे भ्रष्टाचार और नौकरियों के बदले कथित तौर पर पैसों के लेन-देन की गुंजाइश बनती है।
भाजपा नेता रेबती त्रिपुरा ने यह भी दावा किया कि टीटीएएडीसी प्रशासन अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय ऑडिट की आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने (टीएमपी) वित्तीय अनुशासन को कमजोर किया है और सार्वजनिक सेवाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने भी राज्य सरकार को उचित कार्रवाई करने के लिए सचेत किया था।

