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    बोइंग 737 मैक्स में सॉफ्टवेयर की समस्या से परिचालन में सुरक्षा को कोई जोखिम नहीं : अकासा एयर

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    नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। अकासा एयर ने सोमवार को कहा कि बोइंग 737 मैक्स जेट में सॉफ्टवेयर की समस्या को लेकर वह एयरक्राफ्ट मैन्युफक्चरर से बातचीत कर रही है और इससे परिचालन में सुरक्षा को कोई जोखिम नहीं है।

    एयरलाइन का यह बयान बोइंग के उस खुलासे के बाद आया है जिसमें बताया गया था कि लैंडिंग की एक खास स्थिति में, सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण पायलट ऑटोमेटेड फ्लाइट गाइडेंस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

    बोइंग ने इस मामले के बारे में सभी 737 ऑपरेटरों को पहले ही जानकारी दे दी है और समस्या को हमेशा के लिए ठीक करने के लिए एक सॉफ्टवेयर अपडेट पर काम कर रहा है।

    इस मुद्दे को लेकर जताई गई चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, आकासा एयर ने कहा कि उसके विमान सुरक्षित रूप से और सभी रेगुलेटरी जरूरतों का पालन करते हुए उड़ान भर रहे हैं।

    एयरलाइन ने एक बयान में कहा, “हम बोइंग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और यह पक्के तौर पर कह सकते हैं कि अकासा एयर के परिचालन की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। हमारे विमान तय प्रक्रियाओं और लागू नियमों के अनुसार सुरक्षित रूप से उड़ान भर रहे हैं। हमारे यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”

    हालांकि, अकासा एयर ने यह साफ नहीं किया कि क्या उसके बेड़े में मौजूद किसी विमान पर इस सॉफ्टवेयर समस्या का सीधा असर पड़ा है।

    यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत की तीसरी सबसे बड़ी एयरलाइन, अकासा एयर, अपनी विस्तार योजना के तहत 200 से ज्यादा और बोइंग 737 मैक्स विमानों का ऑर्डर देने की योजना बना रही है।

    बोइंग के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी ने पिछले महीने सभी 737 ऑपरेटरों को इस समस्या के बारे में सूचित कर दिया था, क्योंकि कंपनी ने एक ऐसी स्थिति की पहचान की थी जिसमें लैंडिंग के एक विशेष चरण के दौरान पायलटों को ऑटोमेटेड फ्लाइट गाइडेंस उपलब्ध नहीं हो सकता था।

    विमान निर्माता के अनुसार, जब तक कोई स्थायी समाधान नहीं आ जाता, तब तक मौजूदा पायलट प्रक्रियाएं ऐसी स्थितियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए पर्याप्त हैं।

    बोइंग ने कहा, “हमने ऑपरेटरों के साथ ऐसी जानकारी साझा की है जिससे ऐसी स्थितियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए मौजूदा पायलट प्रक्रियाओं को और मजबूत किया जा सके। हमारे इंजीनियर इस समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए एक सॉफ्टवेयर अपडेट पर काम कर रहे हैं।”

    –आईएएनएस

    एबीएस