लंदन, 22 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बिगड़ते हालात को लेकर 70 से ज्यादा ब्रिटिश सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। इसके साथ ही पाकिस्तानी बलों द्वारा किए जा रहे नरसंहार को खत्म करने और नागरिकों की जान की सुरक्षा के उपाय करने की अपील भी की गई है।
ब्रिटिश सांसदों की अपील क्षेत्र में बढ़ती हिंसा और दुर्व्यवहार के बीच आई है, जहां पाकिस्तानी बलों की क्रूर कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हुए हैं। क्षेत्र में अभी भी सख्त नाकाबंदी, कर्फ्यू और पूरी तरह से कम्युनिकेशन्स ब्लैकआउट लागू है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव को संबोधित पत्र में ब्रिटिश सांसदों ने कहा, “पिछले कुछ महीनों में, मौतों और चोटों, संचार पर प्रतिबंधों, मनमानी गिरफ्तारियों, आवश्यक आपूर्ति में व्यवधान और शांतिपूर्ण नागरिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति पर लगाम की रिपोर्टों ने काफी चिंता पैदा की है। हमने ब्रिटिश कश्मीरियों से भी लगातार सुना है, जो संबंधित क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों और प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में हैं।”
उन्होंने पीओके में गंभीर स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल ही में दिए गए ध्यान का भी स्वागत किया। पत्र में बताया गया है, “विशेष रूप से, मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने शांति, सार्थक और समावेशी राजनीतिक संवाद, पूर्ण इंटरनेट पहुंच, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के सम्मान और अशांति से उत्पन्न मौतों की त्वरित, गहन और निष्पक्ष जांच का आह्वान किया है। हम महासचिव के उप प्रवक्ता के बाद के बयान पर भी ध्यान देते हैं कि जहां शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण लोगों को नुकसान पहुंचा है, वहां जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”
ब्रिटिश सांसदों ने कहा कि पीओके में चिंताजनक स्थिति के लिए अब तनाव कम करने, जवाबदेही और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में मदद के लिए निरंतर अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव की आवश्यकता है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से, अपने उपयुक्त निकायों और सार्थक प्रयासों के माध्यम से, रक्तपात को समाप्त करने और जीवन की और हानि को रोकने, संचार तक पहुंच को बहाल करने और उसकी रक्षा करने, और भोजन, दवाओं और अन्य आवश्यक आपूर्ति की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयासों का समर्थन करने का आह्वान किया।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तानी अधिकारियों पर मनमानी गिरफ्तारियों को समाप्त करने, उचित प्रक्रिया और कानूनी प्रतिनिधित्व तक पहुंच सुनिश्चित करने और क्षेत्र में स्वतंत्र मानवाधिकार पर्यवेक्षकों और शांतिपूर्ण मध्यस्थता का समर्थन करने में सक्षम लोगों के लिए उचित पहुंच सुविधा प्रदान करने के लिए दबाव डालने की भी अपील की।
सांसदों ने कहा, “इन कदमों के साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और राजनीतिक भागीदारी का सम्मान भी होना चाहिए। मानवाधिकारों पर कभी भी विवाद या समझौता नहीं किया जा सकता। स्थायी स्थिरता प्रतिबंधों या टकराव के माध्यम से हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए सार्थक संवाद की आवश्यकता है, जिसमें कश्मीरी लोगों के अधिकारों और वैध चिंताओं को सुना जाए।”

