Friday, May 29, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति तेलंगाना : कौशिक रेड्डी के कथित अनुशासनहीन व्यवहार मामले को एथिक्स कमेटी...

तेलंगाना : कौशिक रेड्डी के कथित अनुशासनहीन व्यवहार मामले को एथिक्स कमेटी में भेजा गया

0
19

हैदराबाद, 29 मार्च (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा के सभापति ने रविवार को विपक्षी बीआरएस विधायक पी. कौशिक रेड्डी के सदन में कथित अनुशासनहीन व्यवहार के मामले को एथिक्स कमेटी के पास भेज दिया।

तेलंगाना विधानसभा में रविवार को विपक्षी बीआरएस विधायक पी. कौशिक रेड्डी के वरिष्ठ नेता कादियम श्रीहरि के प्रति कथित अनैतिक व्यवहार को एथिक्स कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया गया। विधान मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू द्वारा प्रस्ताव पेश करने के बाद, सभापति गड्डम प्रसाद कुमार ने इसे सदन में ध्वनि मत (वॉइस वोट) से पारित कर दिया।

सत्ता में मौजूद कांग्रेस के सदस्यों ने कौशिक रेड्डी पर श्रीहरि का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने बीआरएस विधायक द्वारा किए गए कुछ आपत्तिजनक बयान और उनके शारीरिक हाव-भाव की निंदा की।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भी कौशिक रेड्डी के व्यवहार की निंदा की और कहा कि मामले को एथिक्स कमेटी के पास भेजकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

कादियम श्रीहरि पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, ये उन 10 बीआरएस विधायकों में से एक हैं, जिन्होंने 2024 में कथित रूप से कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का फैसला किया था। हालांकि, सभापति ने बीआरएस के विधायकों को अयोग्य घोषित करने की याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि श्रीहरि की प्रतिष्ठा बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के बराबर है। उन्होंने कहा कि सदन में वरिष्ठ नेता का अपमान करना अनुचित है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केसीआर विधानसभा में इसलिए नहीं आ रहे क्योंकि वे दलित सभापति का सामना नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि बीआरएस सदस्य लगातार सदन को बाधित करके सभापति का अपमान कर रहे हैं।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि केसीआर ने तेलंगाना का पहला दलित मुख्यमंत्री बनाने का वादा तोड़कर दलितों के साथ धोखा किया। उन्होंने कहा कि पहले कार्यकाल में केसीआर ने केवल एक दलित नेता (कोप्पुला ईश्वर) को ही मंत्रिमंडल में स्थान दिया। दूसरे कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री का पद हटाकर उन्होंने पूरे राज्य की दलित समुदाय का अपमान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने भट्टी विक्रमार्क को उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में प्रमोट किया। उन्होंने अन्य दलित नेताओं जैसे दामोदर राजा नरसिंह, सीतक्का, विवेक वेंकटस्वामी, आदि को भी महत्वपूर्ण पद दिए।

बीआरएस नेता और पूर्व मंत्री टी. श्रीनिवास यादव ने कौशिक रेड्डी के मामले को एथिक्स कमेटी भेजने के फैसले को कांग्रेस सरकार की ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि कौशिक रेड्डी केवल यह पूछ रहे थे कि श्रीहरि और अन्य किस पार्टी से हैं।