Tuesday, June 23, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति पंजाब में धान उत्पादकों के लिए नहर का पानी 1 मई से...

पंजाब में धान उत्पादकों के लिए नहर का पानी 1 मई से उपलब्ध होगा

0
30

चंडीगढ़, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को धान की कटाई से पहले किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि सिंचाई के लिए नहर का पानी 1 मई से उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके तहत राज्य भर में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।

सिंचाई अवसंरचना में 6,700 करोड़ रुपए के निवेश, 14,000 किलोमीटर के पाइपलाइन नेटवर्क और 7,000 नवनिर्मित जलमार्गों और नहरों के सक्रियण के साथ, सरकार ने बुवाई को सुगम बनाने के लिए चार क्षेत्रों में आठ घंटे की बिजली आपूर्ति अनुसूची लागू की है। इस कदम से न केवल धान की सुनिश्चित सिंचाई होती है, बल्कि मालवा क्षेत्र में कपास, बागवानी, मक्का और चारे के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होती है, साथ ही भूजल पुनर्भरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ जाता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आज चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के जल संसाधनों, कृषि और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। हमारा प्राथमिक उद्देश्य भूजल का उपयोग कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि नहर का पानी हर खेत तक पहुंचे।

सतत सिंचाई की ओर बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मान ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया है कि नहर के पानी पर निर्भरता बढ़े ताकि ट्यूबवेल पर दबाव कम हो। उन्होंने आगे कहा कि मार्च तक सरकार ने पंजाब भर में सिंचाई कार्यों पर 6,700 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

मुख्यमंत्री ने दीर्घकालिक लाभों पर जोर देते हुए कहा कि यह पानी विभिन्न पुनर्भरण योजनाओं के माध्यम से भूजल को रिचार्ज करने में भी मदद करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा। भूजल संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए मान ने कहा कि नहरों और नदियों में पुनर्भरण बिंदु बनाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप जल स्तर में दो से चार मीटर की वृद्धि हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है, क्योंकि पंजाब जल का प्रतीक है, और जल के बिना राज्य का कोई अस्तित्व नहीं है। अन्य उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि पंजाब सरकार के प्रयासों से पिछले एक वर्ष में 21 लाख घन मीटर जल का पुनर्भरण हुआ है।