जस्टिस लिसा गिल का आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में तबादला, कानून मंत्री ने दी जानकारी

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नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति लिसा गिल के तबादले को मंजूरी दे दी।

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत के राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति लिसा गिल का तबादला आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कर दिया है।

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति गिल के तबादले की सिफारिश करने और 24 अप्रैल को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर की सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने का संकल्प लिया था।

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम के बयान के अनुसार, यह निर्णय न्याय प्रशासन की दक्षता और गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की नीति के अंतर्गत लिया गया है। इसमें कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण करने के लिए प्रस्तावित न्यायाधीश का तबादला रिक्ति उत्पन्न होने से काफी पहले, अधिमानतः दो महीने पहले, कर दिया जाना चाहिए, ताकि न्यायाधीश पदभार ग्रहण करने से पहले उच्च न्यायालय के कामकाज से भलीभांति परिचित हो सकें।

बता दें कि न्यायमूर्ति गिल ने अपनी स्कूली शिक्षा कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर 9, चंडीगढ़ से पूरी की और गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स (जीसीजी), सेक्टर 11, चंडीगढ़ से मानविकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बाद में, उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के विधि विभाग से बीए, एलएलबी और एलएलएम की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 1990 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में आपराधिक, दीवानी, सेवा, राजस्व और संवैधानिक मामलों की पैरवी की।

उन्होंने कई वर्षों तक चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया, साथ ही कई बोर्डों और निगमों का भी प्रतिनिधित्व किया। न्यायमूर्ति गिल को 31 मार्च, 2014 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत किया गया था।