नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं में निवेश को आकर्षित करने के लिए अगले रोडशो का आयोजन हैदराबाद में 11 जून को करेगी। इससे पहले नई दिल्ली में रोडशो का आयोजन किया गया था। यह जानकारी कोयला मंत्रालय द्वारा बुधवार को दी गई।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि पिछले आयोजन के दौरान मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया और सक्रिय भागीदारी ने भारत के कोयला गैसीकरण इकोसिस्टम में उद्योग के पक्षकारों के बढ़ते विश्वास को दिखाया है और इस रणनीतिक क्षेत्र में उभरते महत्वपूर्ण अवसरों को स्पष्ट किया।
आगे कहा कि यह रोडशो नीतिगत समर्थन, तकनीकी नवाचारों, निवेश के अवसरों और परियोजना कार्यान्वयन रणनीतियों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा। यह नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और निवेशकों को एक साथ एक मंच लाएगा ताकि देश भर में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए सहयोगात्मक मार्ग ढूंढे जा सकें।
इस आयोजन से पक्षकारों की सहभागिता को और मजबूत करने, रणनीतिक साझेदारियों को सुगम बनाने और भारत में कोयला गैसीकरण के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम के निर्माण में सहयोग मिलने की उम्मीद है। इन पहलों के माध्यम से, कोयला मंत्रालय नवाचार को बढ़ावा देने, उद्योग की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, संसाधनों के सतत उपयोग और औद्योगिक विकास के द्वारा आत्मनिर्भर भारत के सरकारी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय के मुताबिक, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी हैदराबाद रोडशो में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे जबकि कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि होंगे।
कोयला गैसीकरण एक क्रांतिकारी तकनीक है जो कोयले को संश्लेषण गैस (सिन्गैस) में परिवर्तित करती है। इसका उपयोग मेथनॉल, अमोनियम नाइट्रेट, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस और विभिन्न औद्योगिक रसायनों जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इसके रणनीतिक महत्व को पहचानते हुए, भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू कोयला संसाधनों के उपयोग में विविधता लाने के लिए कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने हेतु कई नीतिगत पहल और प्रोत्साहन उपाय किए हैं।

