लक्ष्मी पार्वती का आरोप, जगन मोहन रेड्डी के परिवार में दरार डालने की कोशिश कर रहे चंद्रबाबू नायडू

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हैदराबाद, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की महासचिव एन. लक्ष्मी पार्वती ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की आलोचना की। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू, वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के परिवार में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं।

लक्ष्मी पार्वती पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के संस्थापक एन. टी. रामा राव (एनटीआर) की दूसरी पत्नी हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने एनटीआर के परिवार में दरार पैदा की थी, और उन्होंने आरोप लगाया कि वह अब वही तरीका वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के परिवार के साथ अपना रहे हैं।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू राजनीति में पीछे के रास्ते से आए और उन्होंने टीडीपी तथा सत्ता एनटीआर से छीन ली। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू ने कभी भी अपने दम पर चुनाव नहीं जीता।

लक्ष्मी पार्वती ने चंद्रबाबू की उनके बेटे नारा लोकेश को आगे बढ़ाने की कोशिशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ”लोकेश एक अयोग्य उम्मीदवार हैं, जिन्हें किसी विषय की जानकारी नहीं है, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाएं बहुत अधिक हैं।”

पूर्व विधायक ने कहा कि जहां जगन मोहन रेड्डी ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया और महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर इसे वास्तविक रूप दिया तो वहीं चंद्रबाबू ने हमेशा महिलाओं के साथ धोखा किया है, चाहे वह स्वयं सहायता समूह हों, पेंशन हो, मुफ्त बस यात्रा हो या अन्य योजनाएं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमरावती चंद्रबाबू के लिए पैसे कमाने की परियोजना है, जबकि जगन मोहन रेड्डी द्वारा सुझाया गया एमएवीआईजीयूएन (मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर) अधिक व्यावहारिक और उपयुक्त है।

इसी बीच, वाईएसआरसीपी के प्रवक्ता और पूर्व विधायक राचामल्लु शिव प्रसाद रेड्डी ने भी लोकेश की आलोचना की और कहा कि जगन मोहन रेड्डी की मां वाई. एस. विजयम्मा के प्रति उनका नया सम्मान राजनीतिक अवसरवाद को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि लोकेश द्वारा अचानक वाई. एस. विजयम्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं देना वास्तविक सम्मान नहीं, बल्कि राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।

वाईएसआरसीपी प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग अब जगन मोहन रेड्डी की मां और बहन का सम्मान करने का दावा कर रहे हैं, वही उनकी पत्नी को निशाना बना रहे हैं। यह अनैतिक राजनीति का स्पष्ट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि विजयम्मा का जन्मदिन वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं और परिवार का सम्मान करने वालों के लिए खुशी का दिन है, लेकिन लोकेश की अचानक दिखाई गई नजदीकी पर सवाल उठते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने पहले कभी ऐसा सम्मान नहीं दिखाया।

शिव प्रसाद रेड्डी ने कहा कि यह ‘नया सम्मान’ राजनीतिक लाभ के लिए परिवार के अंदर मतभेदों का फायदा उठाने की कोशिश है और इसका उद्देश्य जगन को उनके परिवार से दूर करना है।

उन्होंने पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि लोग नहीं भूल सकते कि कैसे पिछली टीडीपी सरकार में विजयम्मा की गाड़ियों की तलाशी ली गई थी।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इसी तरह की शुभकामनाएं अन्य नेताओं की माताओं या राष्ट्रीय नेताओं को भी दी गईं। उन्होंने इसे स्पष्ट पाखंड बताया।