Tuesday, July 21, 2026
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आंध्र प्रदेश: सीएम नायडू ने केंद्र से एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा करने का किया आग्रह

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अमरावती, 20 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को केंद्र से एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा करने की अपील की। उन्‍होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग पत्र लिखे हैं।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह को लिखे एक पत्र में केंद्र से आग्रह किया कि वे झींगा का चारा बनाने वाली कंपनियों को जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) सोयाबीन मील आयात करने की अनुमति दें, ताकि एक्वाकल्चर सेक्टर को मदद मिल सके।

उन्होंने बताया कि झींगे के चारे में इस्तेमाल होने वाले मुख्य कच्चे माल, सोयाबीन मील की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण चारे के उत्पादन की लागत काफी बढ़ गई है, जिससे झींगा किसानों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया कि घरेलू कमी को पूरा करने और कीमतों को स्थिर करने के लिए सोयाबीन मील के आयात की अनुमति दी जाए।

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 2021 में भी झींगा चारा बनाने वाली कंपनियों को सीमित स्तर पर ऐसी आयात अनुमति दी गई थी।

उन्होंने कहा कि इक्वाडोर से झींगे के उत्पादन और निर्यात में वृद्धि के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे अमेरिका, चीन और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में भारतीय निर्यातकों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एक अन्य पत्र में, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री से अनुरोध किया कि आंध्र प्रदेश के एक्वाकल्चर सेक्टर को और मजबूत करने के लिए अमरावती में नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (एनएफडीबी) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया जाए।

उन्होंने याद दिलाया कि इस साल 5 जून को विशाखापत्तनम में आयोजित सीफूड एक्सपोर्ट्स वर्कशॉप के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अमरावती में एनएफडीबी के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने का आश्वासन दिया था। राज्य सरकार ने क्षेत्रीय कार्यालय, प्रशिक्षण केंद्र, फिशरीज पार्क और पब्लिक एक्वेरियम के लिए नेक्कलु गांव में 7.89 एकड़ सरकारी जमीन पहले ही आवंटित कर दी है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा ‘ब्लू इकोनॉमी’ के विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भी पत्र लिखकर आंध्र प्रदेश के एक्वाकल्चर सेक्टर की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि इक्वाडोर से अमेरिका, चीन और यूरोप को झींगे के निर्यात में वृद्धि के कारण वैश्विक स्तर पर झींगे की कीमतों में भारी गिरावट आई है।

उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि वे फिश मील (मछली का चूरा) की घरेलू उपलब्धता को नियंत्रित करें, जो झींगे के चारे का एक महत्वपूर्ण घटक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फि‍श मील (मछली के चारे) के एक्सपोर्ट पर अभी 5 प्रतिशत का एक्सपोर्ट इंसेंटिव मिलता है, जिससे देश में चारा बनाने वाली कंपनियों को यह सामान ज्‍यादा कीमत पर खरीदना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) एक्सपोर्ट को रेगुलेट करे और यह पक्का करे कि एक्सपोर्ट की इजाजत देने से पहले देश की जरूरतें पूरी हों।

उन्होंने जीएम सोयाबीन मील के इंपोर्ट की इजाजत देने की अपनी मांग भी दोहराई।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री से आंध्र प्रदेश से एफसीवी तंबाकू के एक्सपोर्ट पर इंसेंटिव देने का अनुरोध किया। जिम्बाब्वे और तंजानिया जैसे प्रतिस्पर्धी देश अपने एक्सपोर्टर्स को सब्सिडी और ड्यूटी में छूट देते हैं, जबकि भारतीय एक्सपोर्टर्स को ऐसी कोई मदद नहीं मिलती।

हालांकि अगस्त 2021 में चाय, कॉफी और मसालों जैसे कृषि उत्पादों को आरओडीटीईपी स्कीम में शामिल किया गया था, लेकिन बिना प्रोसेस किए गए तंबाकू (एचएस कोड 2401) को इसमें शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने केंद्र से बिना प्रोसेस किए गए तंबाकू के लिए तुरंत आरओडीटीईपी फायदे देने का आग्रह किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे एक अलग पत्र में मुख्यमंत्री ने एक्वाकल्चर सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई वित्तीय उपायों की मांग की। उन्होंने एक्वाकल्चर एरेटर पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का अनुरोध किया।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हालांकि एक्वाकल्चर उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है, लेकिन टैरिफ को लेकर कानूनी अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और उन्होंने वित्त मंत्रालय से दखल देने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने एक्वाकल्चर किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत 5 लाख रुपए के एकमुश्त टॉप-अप का भी अनुरोध किया। उन्होंने घरेलू मार्केटिंग के लिए एनडीएफबी के जरिए 100 करोड़ रुपए का कॉर्प्स फंड बनाने की भी मांग की।

मुख्यमंत्री ने बिना प्रोसेस किए गए तंबाकू (एचएसएन कोड 2401) पर जीएसटी को 40 प्रतिशत से घटाकर 28 प्रतिशत करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से आंध्र प्रदेश के लाखों तंबाकू किसानों, डीलरों और एक्सपोर्टर्स को बड़ी राहत मिलेगी।