बीजिंग, 3 मई (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर पत्रकारिता और सूचना के अधिकार के खिलाफ सरकार के दमनकारी अभियान की वजह से चीन पत्रकारों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा जेल बन गया है। पेरिस स्थित रिपोर्टर्स विथाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में चीन में 110 पत्रकार और तीन मीडिया कर्मी हिरासत में हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी सरकार निगरानी, दबाव, धमकी और डराने-धमकाने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके स्वतंत्र पत्रकारों को उन मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने से रोकती है, जिन्हें वह संवेदनशील मानती है।
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन 180 देशों में 178वें स्थान पर है। यानी वह नीचे से तीसरे नंबर पर है। उससे नीचे सिर्फ नॉर्थ कोरिया (179) और इरिट्रिया (180) हैं। पिछले साल चीन की रैंकिंग 176 थी।
अलग-अलग पैमानों पर भी चीन की स्थिति काफी खराब है। राजनीतिक और कानूनी मामलों में उसे 179वां स्थान मिला है। सामाजिक मामलों में 177वां और आर्थिक मामलों में 173वां। इससे साफ दिखता है कि वहां हर स्तर पर पत्रकारिता पर दबाव है।
मार्च में आरएसएफ ने चीनी अधिकारियों की कड़ी आलोचना की थी, क्योंकि उन्होंने पत्रकार झांग झान को वकील से मिलने नहीं दिया और उन्हें पूरी तरह बाहरी दुनिया से अलग कर दिया। आरएसएफ ने दुनियाभर से चीन पर दबाव बढ़ाने की अपील की।
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में झांग झान को दूसरी बार ‘झूठे आरोपों’ में सजा दी गई। उन्हें वकील तक पहुंच नहीं दी गई, जिससे वे अपने केस के खिलाफ सही तरीके से अपील भी नहीं कर पा रही हैं।
आरएसएफ की एशिया-पैसिफिक एडवोकेसी मैनेजर एलेक्जेंड्रा बिएलाकोव्स्का ने कहा कि चीनी सरकार झांग झान को डराने और चुप कराने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि झान ने दुनिया को एक बड़े स्वास्थ्य संकट के बारे में जानकारी दी थी, इसलिए उन्हें जेल में डालने के बजाय एक बहादुर पत्रकार के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चीन पर दबाव बढ़ाना चाहिए ताकि झांग झान को रिहा किया जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें सही मेडिकल सुविधा मिले।
19 सितंबर 2025 को एक बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद झांग झान को ‘झगड़ा करने और परेशानी खड़ी करने’ जैसे आरोप में चार साल की सजा सुनाई गई।
संगठन ने बताया कि सुनवाई के दौरान कम से कम सात देशों के राजनयिक और पांच एक्टिविस्ट अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। कुछ लोगों को थोड़ी देर के लिए हिरासत में भी लिया गया। झांग के वकीलों को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है और उनके कानूनी प्रतिनिधियों को भी परेशान किया जा रहा है।
आरएसएफ ने यह भी बताया कि झांग झान को 28 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल उन्हें शंघाई के पुडोंग डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। यह उनका दूसरा जेल कार्यकाल है।
पहली बार उन्हें मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था, जब उन्होंने वुहान से कोविड-19 महामारी के दौरान रिपोर्टिंग की थी। उन्होंने उस समय 100 से ज्यादा वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किए थे।

