भोपाल, 14 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में गणेश चतुर्थी का उत्सव धार्मिक उत्साह के साथ शुरू हो गया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भोपाल स्थित आवास पर भगवान गणेश की मूर्ति की पूजा-अर्चना की।
मंत्री चौहान और उनके परिवार ने भक्तों के साथ मिलकर भगवान गणेश का स्वागत किया, जिन्हें ‘विघ्नहर्ता’ यानी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। पूरे राज्य में घरों, मंदिरों और सजाए गए पंडालों में विशेष प्रार्थनाएं, आरती और भक्तिपूर्ण उत्सव देखे गए।
इस मौके पर लोगों को बधाई देते हुए, चौहान ने भगवान गणेश का आशीर्वाद मांगा और सभी के लिए बाधामुक्त जीवन की कामना की।
उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, “आज गणेश चतुर्थी है। भगवान गणेश हर गांव, हर शहर और पूरे भारत में लोगों के दिलों में पधार रहे हैं। उन पर सभी की कृपा और आशीर्वाद बना रहे। ‘निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा’ यानी किसी के भी जीवन में कोई बाधा या कष्ट न आए।”
उन्होंने त्योहार में भाग लेने वाले बच्चों और युवाओं के उत्साह का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी भागीदारी गणेश उत्सव से जुड़ी गहरी आस्था को दर्शाती है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने कहा, “देशभर में हमारे युवाओं, किशोरों और प्यारे बच्चों को पंडाल सजाते, घर पर मूर्तियां लाते और गणपति बप्पा की भक्ति में लीन होते देखकर दिल श्रद्धा से भर जाता है।”
इंदौर में बड़ी संख्या में भक्त विशेष प्रार्थना और दर्शन के लिए प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर पहुंचे। भगवान को लगभग 7 करोड़ रुपये के सोने के आभूषणों से सजाया गया है। रविवार को ब्रह्म-मुहूर्त में मूर्ति पर हीरे जड़ी आंखें लगाई गईं जबकि भोग के रूप में 1.25 लाख मोदक चढ़ाए गए।
ऐतिहासिक बड़ा गणपति मंदिर में 25 फुट ऊंची मूर्ति का विशेष ‘श्रृंगार’ किया गया और लगभग 101 किलोग्राम लड्डू चढ़ाए गए। हर शाम 9 बजे एक घंटे की संगीतमय आरती होगी।
उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर में भक्तों को एक अनोखी परंपरा का पालन करते देखा गया, जिसमें मन्नत मांगते समय उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है। इच्छा पूरी होने के बाद सीधा स्वास्तिक बनाया जाता है। कई भक्त आभार व्यक्त करने के लिए अनाज, लड्डू और अन्य प्रसाद से ‘तुलादान’ भी करते हैं।
पूरे मध्य प्रदेश में इस त्योहार के साथ ही आरती, भजन और सामूहिक उत्सवों की शुरुआत हुई, जिसमें भक्तों ने सुख, समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद मांगा।
