Friday, June 5, 2026
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पश्चिम बंगाल: हस्ताक्षर जालसाजी मामले में फिरहाद हकीम के घर पहुंची सीआईडी

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कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच तेज करते हुए राज्य पुलिस की सीआईडी टीम गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हाकिम के आवास पहुंची। जांच एजेंसी इस मामले में उनसे पूछताछ कर सकती है।

इसी मामले में सीआईडी ने गुरुवार को अदालत की अनुमति से तीन अन्य टीएमसी विधायकों के हस्तलेखन नमूने भी एकत्र किए। इनमें बहारुल इस्लाम, अरूप रॉय और सुभाषिश दास शामिल हैं।

सीआईडी ने इन विधायकों के हस्तलेखन नमूने लेने के लिए सिटी सेशंस कोर्ट का रुख किया था। अदालत की मंजूरी मिलने के बाद तीनों विधायक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और अपने नमूने दिए।

मामला उस पत्र से जुड़ा है, जिसे टीएमसी विधायक दल की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को भेजा गया था। इस पत्र में सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। आरोप है कि इस पत्र में कुछ हस्ताक्षरों को लेकर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच सीआईडी को सौंप दी।

चूंकि फिरहाद हकीम ने भी उस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, इसलिए जांच अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि उन्होंने कब और किन परिस्थितियों में हस्ताक्षर किए थे।

इससे पहले सीआईडी टीम टीएमसी के अन्य नेताओं और विधायकों के घर भी पहुंच चुकी है। जांच के सिलसिले में नयना बंद्योपाध्याय और कुणाल घोष के आवासों पर भी पूछताछ की गई थी। उनके बयान दर्ज कर वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।

जांच एजेंसी टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास भी पहुंची थी। संबंधित पत्र पर अखिल भारतीय महासचिव के रूप में उनके भी हस्ताक्षर थे। सीआईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए भवानी भवन तलब किया है। गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अभिषेक बनर्जी ने अदालत में संरक्षण की मांग की है। इस मामले पर शुक्रवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है।

इस बीच, बुधवार को टीएमसी के 58 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाए जाने का प्रस्ताव दिया। इससे पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। हालांकि इन विधायकों ने ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में स्वीकार किया है, लेकिन वे सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता मानने के पक्ष में नहीं बताए जा रहे हैं।

पार्टी के भविष्य को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच सीआईडी हस्ताक्षर जालसाजी मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।