Friday, June 12, 2026
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मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री ने साइबर सेल के लिए एआई सुरक्षा प्लेटफॉर्म और साइबर विशेषज्ञों को मंजूरी दी

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भोपाल, 12 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को राज्य की पुलिस व्यवस्था और जांच ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा की। इन उपायों में पुलिस कर्मियों के लिए नया जांच भत्ता और साइबर अपराध से निपटने के तंत्र को मजबूत करना शामिल है।

गृह विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सरकार उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में पुलिस बल को प्रणालियों को एडवांस करने और नई चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी स्तरों के पुलिस कर्मियों को राज्य भर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता और सक्रियता के साथ काम करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित जांच भत्ता अधिकारियों को आपराधिक जांच के दौरान होने वाले खर्चों को पूरा करने में मदद करेगा, जिसमें अपराध स्थलों का दौरा, साक्ष्य संग्रह, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी, डिजिटल फोरेंसिक कार्य, और आरोपी व्यक्तियों, गवाहों और पीड़ितों के लिए परिवहन और भोजन की व्यवस्था शामिल है।

साइबर अपराध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य साइबर सेल को मजबूत करने के लिए आईटी सलाहकारों और साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति को मंजूरी दी।

बैठक में बुजुर्ग नागरिकों, महिलाओं और अन्य कमजोर समूहों की सुरक्षा में सुधार लाने के उद्देश्य से निर्मित एआई-आधारित प्लेटफॉर्म ‘सेफगार्ड एमपी’ को भी मंजूरी दी गई।

उज्जैन में सिम्हास्थ 2028 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

यादव ने दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक सभा के लिए विकसित बुनियादी ढांचा आयोजन के बाद भी शहर की सेवा करता रहे।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए नियंत्रण कक्ष और अन्य व्यवस्थाएं इस प्रकार स्थापित की जानी चाहिए जिससे उनका स्थायी महत्व और प्रभाव सुनिश्चित हो सके। उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर सहित कई पवित्र स्थल हैं; इसलिए, सभी व्यवस्थाओं को स्थायी बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

बैठक में मध्य प्रदेश पुलिस चयन एवं भर्ती बोर्ड की स्थापना, जिला स्तरीय अपराध स्थल मोबाइल इकाइयों की तैनाती और वीवीआईपी ड्यूटी के लिए विशेष भत्ते प्रदान करने के प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।

एटीएस, एसटीएफ और हॉक फोर्स को उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं के माध्यम से मजबूत करने की योजनाओं पर भी चर्चा की गई।