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मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को सीएम मोहन यादव ने यूएई में किया पेश

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दुबई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुबई की अपनी चार दिन की यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के राजदूत दीपक मित्तल और दुबई व उत्तरी अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ उच्च-स्तरीय बातचीत से की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था।

रविवार को हुई बैठकों में मुख्य रूप से इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे भारतीय मिशन मध्य प्रदेश और यूएई के बीच बेहतर आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दे सकता है और मजबूत व्यापारिक व निवेश संबंध बनाने में मदद कर सकता है।

मुख्यमंत्री यादव ने राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करने के मकसद से मध्य प्रदेश को यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड, प्रमुख कॉर्पोरेट समूहों, व्यापारिक संगठनों और संस्थागत निवेशकों से जोड़ने के लिए भारतीय मिशन का सहयोग मांगा।

मुख्यमंत्री ने राजदूत और कॉन्सल जनरल को ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) 2027’ में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। मध्य प्रदेश इस समिट की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है, ताकि राज्य में निवेश के मौकों को दिखाया जा सके और वैश्विक निवेशकों के साथ जुड़कर बातचीत की जा सके।

मीडिया से बात करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों के साथ बातचीत आपसी मौकों और फायदों पर आधारित होनी चाहिए, क्योंकि राज्य में कई अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश की काफी गुंजाइश है।

उन्होंने कहा, “जब हम निवेशकों से बातचीत करते हैं, तो यह दोनों तरफ से होने वाली बातचीत होती है।

मध्य प्रदेश में हर तरह के निवेश की बहुत गुंजाइश है, चाहे वह माइनिंग हो या इंडस्ट्री। इसमें भारी उद्योग, एमएसएमई और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर शामिल हैं।”

उन्होंने कई सेक्टर में मध्य प्रदेश की बढ़ती ताकत और निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया, जिनमें रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल्स, लॉजिस्टिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में ‘साइंस सिटी’ के विकास का भी जिक्र किया और कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र हो सकता है जो राज्य में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और निवेश के लिए मौके पैदा कर सकता है।

उन्होंने अरब संसद के स्पीकर मोहम्मद अहमद अल यमाही और अन्य सदस्यों से भी मुलाकात की और उन्हें जीआईएस 2027 के लिए आमंत्रित किया।

बातचीत में फूड प्रोसेसिंग और खेती के क्षेत्र में मौकों पर भी चर्चा हुई। इसमें वैल्यू चेन को मजबूत करने और ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर जोर दिया गया, जो खेती से जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और एक्सपोर्ट में मदद कर सके।

मुख्यमंत्री यादव और अधिकारियों ने कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, खेती से जुड़ी लॉजिस्टिक्स और लंबे समय के लिए एक्सपोर्ट के मौकों को विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। मध्य प्रदेश अपनी खेती से जुड़ी ताकत का फायदा उठाना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ अपनी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना चाहता है।

मुख्यमंत्री की दुबई यात्रा का मकसद अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और संस्थाओं के साथ मध्य प्रदेश के जुड़ाव को बढ़ाना है। साथ ही, ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ से पहले यूएई और दूसरे देशों के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी बनाना भी इसका लक्ष्य है।