तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल सरकार कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की योजना की समीक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने माना कि प्रस्तावित जगह रनवे बनाने के लिए शायद उपयुक्त नहीं है और इस देरी की वजह से स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी हो रही है।
सीएम सतीशन ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने और प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। इस प्रस्ताव के तहत रनवे को मौजूदा 3,050 मीटर से बढ़ाकर 4,000 मीटर करने के लिए कीझल्लूर गांव में लगभग 99.32 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
जमीन अधिग्रहण की अनुमानित लागत लगभग 942.93 करोड़ रुपए है। सरकार ने 27 दिसंबर 2016 को जारी एक आदेश के जरिए रनवे के विस्तार के लिए 99.92 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करने की प्रशासनिक मंजूरी दी थी।
2017 में अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बावजूद अभी तक जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। सतीशन ने बताया कि लंबे समय से बनी अनिश्चितता के कारण प्रभावित इलाके में मौजूद घर खराब होने लगे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में भारी बारिश के दौरान हवाई अड्डे की चहारदीवारी गिर गई थी, जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित रनवे विस्तार के लिए यह जमीन ही अनुपयुक्त लग रही है, क्योंकि यह काफी निचले स्तर पर स्थित है। उन्होंने कहा कि जगह को जरूरी स्तर तक ऊंचा करने के लिए वहां बड़ी मात्रा में मिट्टी भरनी पड़ेगी।
सतीशन ने कहा, “मुझे अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि नोटिफिकेशन क्यों जारी किया गया और इलाके के लोगों को इतनी परेशानी में क्यों डाला गया।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मामले की जांच कर रही है और जल्द से जल्द कोई फैसला लेगी।
प्रस्तावित अधिग्रहण को पुनर्वास पैकेज को लेकर भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
विस्थापित होने वाले परिवारों ने अपने लिए मंजूर किए गए 10 लाख रुपए के विशेष पैकेज को ठुकरा दिया है। यह पैकेज कोझिकोड एयरपोर्ट पर रनवे और सेफ्टी एरिया के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले दिए गए मुआवजे की तर्ज पर तैयार किया गया था।
प्रभावित लोगों ने मांग की है कि उन्हें या तो वह पैकेज दिया जाए जो कन्नूर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के पहले चरण में दिया गया था, या फिर 15 लाख रुपए का संशोधित पैकेज दिया जाए। उन्होंने सुनवाई का बहिष्कार भी किया है और अधिकारियों को अपनी बातें लिखित रूप में सौंपी हैं।
सतीशन ने कहा कि पुनर्वास पैकेज के मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार प्रभावित जमीन मालिकों के साथ आगे और बातचीत करेगी। उन्होंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाने वाले विधायक टीके गोविंदन से भी आग्रह किया कि वे समझौता कराने की दिशा में पहल करें।
इस समीक्षा से यह तय हो सकता है कि रनवे के विस्तार के लिए प्रस्तावित जगह को रखा जाएगा या नहीं, और जमीन अधिग्रहण तथा पुनर्वास से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को कैसे सुलझाया जाएगा।
