चंडीगढ़, 7 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब के प्रवासी मामलों के मंत्री रवजोत सिंह ने शुक्रवार को कनाडा में अध्ययन के बाद वर्क परमिट प्राप्त करने में पंजाबी छात्रों को हो रही कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
विधानसभा में बोलने के बाद यहां मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि लगभग 1,500 छात्र इस संकट से प्रभावित हैं और सरकार उनकी चिंताओं को बेहतर ढंग से समझने और उनकी सहायता के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए स्थिति पर नजर रख रही है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर जल्द से जल्द चर्चा करने के लिए समय मांगा है।
अपने पत्र में उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह इस मामले को राजनयिक चैनलों के माध्यम से कनाडा सरकार के साथ उठाए ताकि प्रभावित छात्रों को समय पर राहत प्रदान की जा सके।
मंत्रिमंडल मंत्री ने कहा कि ये हमारे बच्चे हैं, जिन्होंने अपने और अपने परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद में लगभग 20 लाख रुपए खर्च करके कनाडा की यात्रा की। प्रवेश के समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि दो वर्षीय शैक्षणिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने पर वे पोस्ट-स्टडी वर्क परमिट के लिए पात्र हो जाएंगे। हालांकि, वर्क परमिट के बड़े पैमाने पर अस्वीकृति के कारण कई छात्रों को गंभीर मानसिक, वित्तीय और कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सिंह ने आगे कहा कि बड़ी संख्या में प्रभावित छात्रों ने सहायता के लिए सीधे उनसे संपर्क किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी चिंताओं को पूरी संवेदनशीलता से सुन रही है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने कनाडा की संघीय अदालत में कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो पंजाब सरकार उचित कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति करके प्रभावित छात्रों के लिए सामूहिक कानूनी प्रतिनिधित्व की सुविधा प्रदान करने की संभावना पर भी विचार करेगी।
उन्होंने कनाडा में पंजाबी मूल के सांसदों से भी आग्रह किया कि वे राजनीतिक संबद्धताओं से ऊपर उठकर इस मानवीय मुद्दे को कनाडा सरकार के समक्ष सामूहिक रूप से उठाएं।

