तमिलनाडु में हमारा गठबंधन अच्छा प्रदर्शन करेगा, हमें पूरा भरोसा है: कार्ति चिदंबरम

0
7

कराईकुडी (तमिलनाडु), 23 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने गुरुवार को विश्वास जताया कि सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन) तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करेगा।

चुनाव में हिस्सा लेने और अपना वोट डालने के लिए वह अपनी पत्नी श्रीनिधि और बेटी अदिति के साथ शिवगंगा के कराईकुडी पहुंचे।

मतदान के बाज आईएएनएस से ​​बात करते हुए चिदंबरम ने कहा, “मुझे पूरा-पूरा भरोसा है कि गठबंधन बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगा। मुझे अपने संसदीय क्षेत्र (शिवगंगा) को लेकर खास तौर पर भरोसा है। मुझे यह भी भरोसा है कि केआर पेरियाकरुप्पन, जो तिरुपत्तूर विधानसभा से हमारे उम्मीदवार हैं, बहुत बड़े अंतर से दोबारा चुने जाएंगे।”

उन्होंने युवा मतदाताओं से यह भी अपील की कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और बड़ी संख्या में बाहर निकलकर अपना वोट डालें। कांग्रेस सांसद ने कहा, “वोट देना एक विशेषाधिकार, एक अधिकार और साथ ही एक कर्तव्य भी है। मुझे उम्मीद है कि वे (युवा) बाहर आएंगे, राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को, साथ ही उनकी नीतियों और नेतृत्व को देखेंगे। मेरी इच्छा है कि वे राजनीति में भी और ज्यादा शामिल हों।”

मतदान के दौरान भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के कामकाज के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि अब तक यह प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में हमेशा की तरह सब कुछ बहुत शांतिपूर्ण है। मैंने किसी भी अवांछित घटना के बारे में नहीं सुना है और मुझे पूरा यकीन है कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहेगा।

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए सभी 234 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। इन चुनावों में 5.73 करोड़ से ज्यादा योग्य वोटर 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

इस चुनावी मुकाबले में मुख्य रूप से डीएमके के नेतृत्व वाला ‘सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस’, एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला ‘नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस’, ‘नाम तमिलर काची’ (एनटीके) और ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (टीवीके) शामिल हैं, जिसकी वजह से यह हाल के सालों के सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी चुनावों में से एक बन गया है।

वोटिंग सुबह-सुबह शुरू हो गई और पोलिंग बूथों पर बड़ी संख्या में वोटर कतारों में खड़े दिखे। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए लोगों के जबरदस्त उत्साह को दिखाता है।

चूंकि वोटरों की भागीदारी की निर्णायक भूमिका होने की उम्मीद है, इसलिए राजनीतिक पार्टियां सभी निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग के रुझानों पर बारीकी से नज़र रख रही हैं। ईसीआई की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 3 बजे तक वोटरों की भागीदारी 70 प्रतिशत रही।

वोटों की गिनती 4 मई को होनी है, जब चुनावी नतीजों से यह तय होगा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अगली सरकारें किसकी बनेंगी।