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मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवा दल की नई टीम घोषित, 18 जिला मुख्य आयोजकों की नियुक्ति

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भोपाल, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को सेवा दल की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की। साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लिए 18 जिला मुख्य आयोजकों की नियुक्ति भी की गई।

यह घोषणा अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने एआईसीसी सचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा तथा प्रदेश सेवा दल अध्यक्ष अवनीश भार्गव के साथ विचार-विमर्श के बाद की।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, अवनीश भार्गव ने कहा कि नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि जिन जिला मुख्य आयोजकों ने बेहतर काम किया, उन्हें पदोन्नति देकर प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।

नई टीम पर विश्वास जताते हुए भार्गव ने कहा कि इससे राज्य में सेवा दल संगठन को मजबूती मिलेगी और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों व अभियानों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

यह संगठनात्मक फेरबदल ऐसे समय में किया गया है, जब मध्य प्रदेश कांग्रेस इकाई में समन्वय और अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

बता दें कि 3 नवंबर को मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित रैली में अनुपस्थित रहने पर 60 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया था।

निलंबित पदाधिकारियों में 9 जिला अध्यक्ष, 5 उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव शामिल थे।

यह कार्रवाई भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर की गई थी। संगठन ने रैली में अनुपस्थिति को अनुशासनहीनता का गंभीर मामला माना था।

निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया था और अगले आदेश तक जारी रहेगा।

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने यह रैली मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के विरोध में आयोजित की थी।

कांग्रेस ने कहा कि यह कार्रवाई केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में युवा कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अनुशासनात्मक अभियान का हिस्सा है।

रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली रैली में अनुपस्थित रहने पर विभिन्न राज्यों के 215 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।