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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषित किए तीन उम्मीदवार

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नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आगामी द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीन उम्मीदवारों के नाम को मंजूरी दी है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस बयान में उम्मीदवारों के नाम की जानकारी दी गई।

कांग्रेस ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अभिजीत गोविंदराव वंजारी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पुणे संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जयंत दिनकर आसगांवकर और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अदिति ऋषिकेश पोहरे को चुनाव मैदान में उतारा गया है।

पार्टी ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी और जयंत आसगांवकर को फिर से उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा शुक्रवार सुबह महा विकास अघाड़ी के घटक दलों की सीट बंटवारे को लेकर हुई बैठक के कुछ घंटों बाद की गई।

एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (यूबीटी) की ओर से पुणे और औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे जाने की उम्मीद है।

भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर को महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इनमें औरंगाबाद, पुणे और नागपुर की तीन स्नातक सीटें तथा अमरावती और पुणे की दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त होने वाला है।

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होनी थी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर और नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी।

उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में औरंगाबाद संभाग से भानुदासराव सतीश चव्हाण, पुणे संभाग से अरुण गणपति लाड और नागपुर संभाग से अभिजीत गोविंदराव वंजारी मौजूदा सदस्य हैं।

वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अमरावती संभाग से किरण रामराव सरनाइक और पुणे संभाग से जयंत दिनकर आसगांवकर मौजूदा सदस्य हैं। सरनाइक निर्दलीय चुने गए थे और बाद में एकनाथ शिंदे की शिवसेना में सहयोगी सदस्य के रूप में शामिल हुए।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने अभी तक इन सीटों को लेकर अपने सीट बंटवारे की घोषणा नहीं की है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सुनेत्रा पवार के बीच दो दिन पहले इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी, लेकिन सीटों के बंटवारे का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

भाजपा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को अपने पारंपरिक मजबूत क्षेत्रों के रूप में देखती है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले पुणे और नागपुर जैसी सीटों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। भाजपा पिछले चुनावों में गंवाई गई इन सीटों को दोबारा हासिल करने की कोशिश में है।

वहीं, एनसीपी भी खासकर पुणे संभाग में अपनी मजबूत जमीनी पकड़ का दावा कर रही है।

सिल करने का प्रयास किया जाएगा।