नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के नेताओं ने रविवार को कहा कि 1 नवंबर को इंडी गठबंधन द्वारा आयोजित विरोध मार्च में भारी संख्या में लोग शामिल होंगे। यह मार्च मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेंद्र कुमार को हटाने की मांग को लेकर निकाला जा रहा है।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि जनता में काफी गुस्सा है। विपक्ष ने एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है और इस प्रक्रिया को रद्द करने सहित कई जरूरी नियमों को लागू करने की मांग की है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है।
उन्होंने कहा, “इस समय लोगों के मन में बहुत गुस्सा है क्योंकि यह सरकार किसी की बात बिल्कुल नहीं सुनती। बार-बार मुद्दा उठाने और अलग-अलग तरीकों से विरोध करने के बावजूद सरकार न तो सीईसी के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रही है और न ही उन्हें उनके पद से हटा रही है। इन प्रदर्शनों में ‘इंडी’ गठबंधन के नेतृत्व में 12 तारीख को दिल्ली में हुआ बड़ा प्रदर्शन भी शामिल है, जहां अपनी आवाज उठाने के लिए भारी भीड़ जुटी थी।”
दलवई ने बताया कि ‘इंडी’ गठबंधन 1 नवंबर को एक बड़ी रैली आयोजित करेगा, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से राजनीतिक प्रतिनिधि और संगठन शामिल होंगे।
उन्होंने आगे कहा, “ज्ञानेश कुमार को हटाना जरूरी है, लेकिन वे ऐसा करने से इनकार कर रहे हैं। इसी वजह से 1 नवंबर को ‘इंडी’ गठबंधन की ओर से एक बड़ा आयोजन किया जाएगा, जिसमें पूरे भारत के सभी राज्यों से लोग और कई संगठन बड़ी संख्या में एकजुट होकर हिस्सा लेंगे।”
कांग्रेस नेता अतुल लोंढे पाटिल ने दावा किया कि चुनावी गड़बड़ियों और लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों में चिंता है, इसलिए राजनीतिक नेताओं की अपील के बिना ही वे बड़ी संख्या में वहां पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा, “लोगों को इकट्ठा होने के लिए किसी अपील की जरूरत नहीं है। जिस तरह से वोट चुराए गए हैं, लोकतंत्र को चुरा लिया गया है, लोकतंत्र खतरे में है और संविधान खतरे में है, ऐसे हालात में लोग खुद-ब-खुद वहां आने के लिए तैयार हैं।”
लोंढे पाटिल ने भारी भीड़ जुटने का अनुमान जताते हुए कहा कि इस आयोजन में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “आप पांच लाख लोगों की बात कर रहे हैं, लेकिन वहां खड़े होने की जगह भी नहीं बचेगी। हमारे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक वहां सिर्फ पांच लाख ही नहीं, बल्कि पूरे देश से 10-15 लाख से ज्यादा लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होने वाले हैं।”
यह बयान तब आया है जब दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कांग्रेस को 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करने की अनुमति दे दी है। यह रैली भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची (वोटर रोल) में अनियमितताओं के विरोध में आयोजित की जा रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के नेतृत्व में, कांग्रेस इस संशोधन प्रक्रिया के खिलाफ समर्थन जुटा रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
