Monday, July 27, 2026
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‘सीआरपीएफ ने अपने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा से बनाई पहचान’, स्थापना दिवस पर बोले पीएम मोदी

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नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्थापना दिवस पर अर्धसैनिक बल के सभी जवानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने अपने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा से विशिष्ट पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं। सीआरपीएफ ने अपने अटूट साहस और विशिष्ट पहचान बनाई है। आंतरिक सुरक्षा की रक्षा से लेकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सेवा तक, सीआरपीएफ जवानों ने हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि रखा है। माओवाद के खतरे को समाप्त करने में उनके प्रयास विशेष रूप से सराहनीय हैं। इससे कई लोगों के जीवन में शांति और प्रगति आई है।”

सीआरपीएफ स्थापना दिवस हर साल 27 जुलाई को मनाया जाता है। इस बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने अपना 88वां स्थापना दिवस मनाया है। अपने बलिदान से देश में कर्तव्यपरायणता और शौर्य की मिसाल बनी सीआरपीएफ का आदर्श वाक्य ‘सेवा और निष्ठा’ है। 2 बटालियन से शुरू हुआ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल आज 248 बटालियन और 3.25 लाख जवानों के साथ विश्व का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बन चुका है।

शुरू में 1939 में ब्रिटिश राज के दौरान ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस’ के तौर पर बनी इस फोर्स को आजादी के बाद नए सिरे से तैयार किया गया और 28 दिसंबर 1949 के सीआरपीएफ एक्ट के जरिए आधिकारिक तौर पर इसका नाम ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ रखा गया। आज यह भारत की सबसे पुरानी और सबसे सम्मानित सुरक्षा फोर्स में से एक है।

इससे पहले, सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक ‘संस्कृत सुभाषितम्’ शेयर किया जिसमें यह बताया गया है कि कैसे एक नेक चरित्र वाला व्यक्ति समाज में सम्मान प्राप्त करता है और हर जिम्मेदारी के योग्य माना जाता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, “शीलवान् पूजितो लोके शीलवान् साधुसम्मतः। शीलवान् सर्वकर्मार्हः शीलवान् प्रियदर्शनः।”

इसमें कहा गया है, “उत्तम चरित्र से युक्त व्यक्ति समाज में प्रतिष्ठा और सज्जनों का आदर प्राप्त करता है। सत्यनिष्ठा, विनम्रता और मर्यादित आचरण के कारण ऐसा व्यक्ति हर जिम्मेदारी के योग्य समझा जाता है। उसका व्यक्तित्व सभी के लिए प्रशंसनीय, प्रेरणादायक और अनुकरणीय होता है। वास्तव में, उत्तम चरित्र ही सफलता, प्रभावी नेतृत्व और अटूट विश्वास का वास्तविक आधार है।”